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बिजली के बिल में फिक्स चार्ज का भार क्यों?

हाईकोर्ट ने आरइआरसी व तीनों विद्युत वितरण कंपनियों से पूछा

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Adani Power 5200 करोड़ हारने के बाद Discom ने एपिलिएट का खटखटाया दरवाजा,Adani Power 5200 करोड़ हारने के बाद Discom ने एपिलिएट का खटखटाया दरवाजा

जयपुर। हाईकोर्ट ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग, जयपुर विद्युत वितरण निगम, जोधपुर विद्युत वितरण निगम व अजमेर विद्युत वितरण निगम को नोटिस जारी कर पूछा है कि बिजली के बिल में लिए जा रहे फिक्स चार्ज का खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा है?
न्यायाधीश अशोक गौड़ ने बिजली कंपनी में मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत डी पी चिरानिया की याचिका पर यह आदेश दिया है। चिरानिया की ओर से अधिवक्ता नजीब अनवर खान ने कोर्ट को बताया कि फिक्स चार्ज के बारे में बिजली की दरों पर विद्युत विनियामक आयोग में पिछली बार सुनवाई के समय पूछा गया, लेकिन उसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया जा रहा है। विनियामक आयोग को बिजली के लिए टैरिफ तय करने का अधिकार है। बिना खुलासा किए फिक्स चार्ज नहीं लिया जा सकता। जब फिक्स चार्ज का खुलासा नहीं हो, तब तक विनियामक आयोग में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की टैरिफ से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो। बिजली के बिल में यदि कोई वसूली की जानी है, तो वह नियमों के तहत ही हो। कोई नया शुल्क लगाना है तो उसका नियमों में प्रावधान किया जाए।