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SI पेपर लीक के आरोपियों को 24 घंटे की भीतर क्यों नहीं किया पेश? कोर्ट ने SOG से मांगा स्पष्टीकरण

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एसओजी से 12 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा है कि आरोपियों को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया।

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SI paper leak case : जयपुर। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार थानेदारों को एसओजी ने बुधवार शाम कोर्ट में पेश किया। इस दौरान कोर्ट ने कहा आरोपियों को 24 घंटे की भीतर पेश क्यों नहीं किया मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट महानगर, द्वितीय ने एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी से 12 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा है कि आरोपियों को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही अदालत ने यह भी बताने को कहा है कि प्रकरण में सीआरपीसी की धारा 41ए के प्रावधानों की पालना क्यों नहीं की गई। वहीं अदालत ने प्रकरण के आरोपियों को 12 मार्च तक एसओजी की अभिरक्षा में भेज दिया है।

आरोपियों के अधिवक्ता विपुल शर्मा और वेदांत शर्मा सहित अन्य ने विरोध करते हुए कहा कि एसओजी प्रकरण में मनमानी कर रही है। आरोपियों को तीन और चार मार्च को पक़ड़ा, लेकिन 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश नहीं किया। इसके अलावा प्रकरण सात साल से कम सजा से जुडे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में तय कर रखा है कि ऐसे मामलों में सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत पुलिस गिरफ्तारी से पूर्व नोटिस देगी या उसे तत्काल गिरफ्तारी का कारण बताना होगा। इस मामले में एसओजी ने इसकी अवहेलना की है। इस पर अदालत ने एसओजी से दोनों बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।

पुलिस की ओर से आरोपियों को अदालत में पेश करने के दौरान कुछ वकील आक्रोशित हो गए। इस दौरान वकीलों ने कुछ आरोपियों से मारपीट की। जब पुलिस ने बीच-बचाव किया तो वकील पुलिस से भी भिड गए। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों पर बेरोजगारों का हक मारने की बात कही।

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एसओजी को आशंका थी कि कोर्ट परिसर में गिरफ्तार थानेदारों पर हमला हो सकता है। इसके चलते भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। कोर्ट परिसर में शाम को भीड़ कम होने पर गिरफ्तार 6 महिला थानेदारों सहित 14 थानेदारों को कोर्ट लेकर पहुंची। लेकिन परीक्षा से पहले पेपर खरीदकर थानेदार बनने वालों के कोर्ट में आने की सूचना पर काफी लोग वहां जुट गए। पुलिस बल को सुरक्षित ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

नरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, करणपाल गोदारा, विवेक भांभू, मनोहरलाल, गोपीराम, श्रवण कुमार, रोहिताश्व कुमार, प्रेम सुखी, एकता, भगवती, राजेश्वर, नारंगी और चंचल कुमारी।

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