
फोटो: पत्रिका
2100+ Unsafe Classrom In Jaisalmer: लगातार बारिश के बाद जिले के जर्जर विद्यालय भवनों की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान में 70 से ज्यादा स्कूल जर्जर पाए गए जबकि 2100 से ज्यादा कक्षाओं को असुरक्षित घोषित करके ताले और रेड क्रॉस के निशान लगाए गए।
असुरक्षित भवनों में पढ़ाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है और विद्यार्थियों को समीपवर्ती सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया है। जिसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग और एजेंसियों को तत्काल मरम्मत और रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलक्टर प्रताप सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित किए गए। इन दलों में पीडब्ल्यूडी, डिस्कॉम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, वाटरशेड और नगर परिषद सहित कई विभागों के अभियंता शामिल थे। उपखंड अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन टीमों ने ग्राम पंचायत स्तर तक स्कूलों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान दीवारों, छतों, शौचालय, जल टंकी, विद्युत उपकरण, वॉटरप्रूफिंग, शेड और परिसर की संरचनात्मक मजबूती का गहन मूल्यांकन किया गया। खुले कुएं, मोटर पंप जैसी जोखिमपूर्ण जगहों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
सिर्फ स्कूल ही नहीं शहर की अन्य जर्जर इमारतों को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हुआ है। नगर परिषद ने शहर में 29 खतरनाक इमारतों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। तीन दिन के भीतर स्वयं मकान हटाने या गिराने के आदेश दिए गए हैं।
सोनार दुर्ग क्षेत्र में 2 अति जर्जर मकानों को परिषद की टीम ने गिरा दिया। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन स्वयं ढहाने की कार्रवाई करेगा और खर्च भवन मालिकों से वसूला जाएगा।
Published on:
07 Aug 2025 03:27 pm
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