4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शाही रेल के 3 फेरे कम आए फिर भी 7 फीसदी बढ़ गए यात्री,सीजन के अंतिम फेरे में पैलेस ऑन व्हील्स में आए 74 यात्री

देश ही नहीं दुनिया भर में आरामदायक सफर के लिए मशहूर पैलेस ऑन व्हील्स इस पर्यटन सीजन के अंतिम फेरे पर रविवार को जैसलमेर पहुंची। इस ट्रेन में देश और दुनिया के विविध देशों के 74 सैलानी सवार होकर जैसलमेर आए और यहां के विविध पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
3 min read
Google source verification
jaisalmer

शाही रेल के 3 फेरे कम आए फिर भी 7 फीसदी बढ़ गए यात्री,सीजन के अंतिम फेरे में पैलेस ऑन व्हील्स में आए 74 यात्री

जैसलमेर. देश ही नहीं दुनिया भर में आरामदायक सफर के लिए मशहूर पैलेस ऑन व्हील्स इस पर्यटन सीजन के अंतिम फेरे पर रविवार को जैसलमेर पहुंची। इस ट्रेन में देश और दुनिया के विविध देशों के 74 सैलानी सवार होकर जैसलमेर आए और यहां के विविध पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। यात्री भार नहीं मिलने की वजह से इस बार पैलेस ऑन व्हील्स का सफर अप्रेल माह के तीसरे सप्ताह में ही थम गया। शेड्यूल के अनुसार हर बार यह टे्रन अप्रेल माह के अंतिम रविवार को जैसलमेर पहुंचती है। इस बार सैलानियों की कम बुकिंग के कारण अप्रेल माह में दो फेरों पर ही पहियों पर महल की उपमा पाए यह ट्रेन संचालित हो सकी। सीजन के दौरान 34 की बजाय 31 फेरे ही संचालित हुए, इसके बावजूद 7 प्रतिशत सैलानी बढ़ गए और इसने पर्यटन विभाग को 6.34 करोड़ रुपए की कमाई करवाई है।
खिले-खिले नजर आए सैलानी
रविवार सुबह ट्रेन में सवार होकर जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों का पारम्परिक ढंग से तिलक कर स्वागत किया गया। लोक कलाकारों ने मधुर धुनें छेडकऱ उनका मन मोहा। स्वागत से अभिभूत सैलानी खासे खुश दिखाई दिए। बाद में वे गड़ीसर, सोनार दुर्ग और पटवा हवेली का भ्रमण करने पहुंचे। उन्होंने शहर के दर्शनीय स्थलों की जमकर फोटोग्राफी की और स्थापत्य शिल्प की खुले दिल से प्रशंसा भी की। सायंकाल में सैलानी सम सेंड ड्यून्स का भ्रमण करने पहुंचे। वहां उन्होंने केमल सफारी का लुत्फ उठाया और रेत के समंदर में डूबते सूरज के नजारे का दीदार किया और उसके साथ फोटो खिंचवाए। बुधवार को दिल्ली से रवाना होकर रविवार को जैसलमेर पहुंची पैलेस ऑन व्हील्स में 72 वयस्क और 2 अवयस्क कुल 74 यात्री अए। यह अपने आप में रिकॉर्ड है। दिल्ली से रवाना होते समय तो टे्रन में 79 यात्री सवार थे, जो कुल क्षमता का 98 प्रतिशत बताया जाता है। जैसलमेर आए सैलानियों में 6 भारतीय और बाकी 68 विदेशी सैलानी शामिल रहे। इनमें सबसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया के 25 यात्री शामिल थे। अन्य यात्री अमेरिका, न्यूजीलैंड, कतर, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, इंग्लैंड, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों के रहे।
तीन फेरे हुए निरस्त
रईस सैलानियों की पसंदीदा इस शाही रेल के इस पर्यटन सीजन में 34 की बजाय 31 फेरे ही संचालित किए जा सके। मार्च माह में एक और चालू अप्रेल में दो फेरों का संचालन यात्रीभार की कमी के कारण नहीं किया जा सका। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ तीन फेरे यात्रीभार के संकट के चलते निरस्त करने पड़े वहीं पूरे सीजन में यात्रीभार गत वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत ज्यादा हो गया। सितम्बर से अप्रेल तक संचालित 31 फेरों में 1538 सैलानियों ने आरामदायक सफर का आनंद उठाया है।
एक सप्ताह का सफर
पर्यटन सीजन के दौरान ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ प्रत्येक बुधवार को दिल्ली से एक सप्ताह के सफर के लिए रवाना होती है। सफर में जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौडगढ़़, उदयपुर होते हुए जैसलमेर और यहां से जोधपुर, भरतपुर और आगरा होते हुए वापिस दिल्ली के पर्यटन स्थलों का सैलानियों को भ्रमण करवाती है। रेल में शानदार इंटीरियर के साथ राजसी ठाठ-बाट वाले फर्नीचर, लजीज भोजन व बार आदि की व्यवस्था की गई है। इस सफर का लुत्फ उठाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 650 अमरीकी डॉलर चुकाने होते हैं। ऑफ सीजन में शुल्क में कमी की जाती है।

फैक्ट फाइल -
- 6.34 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया
- 31 फेरे कुल संचालित हुए
- 1538 सैलानियों ने ट्रेन में किया सफर
- 1982 से शुरू हुई पैलेस ऑन व्हील्स

टीमवर्क का परिणाम
पैलेस ऑन व्हील्स में यात्रियों की संख्या में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी टीमवर्क का परिणाम है। अनुभवी स्टाफकर्मियों के टीमवर्क के साथ पर्यटन मंत्रालय और आरटीडीसी के चेयरमैन के समर्थन से ट्रेन का सफलतापूर्वक संचालन हुआ।
- प्रदीप बोहरा, जनरल मैनेजर, पैलेस ऑन व्हील्स