
राजस्थान में भवन और सडक़ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए शनिवार से एक माह का सघन निरीक्षण अभियान शुरू होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों को अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान राज्य सरकार की प्राथमिकता है, जिसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और लापरवाही पर रोक लगाना है। अभियान के तहत प्रत्येक जिले में तीन निरीक्षण समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां सघन निरीक्षण कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगी। कलेक्टर अनुशंसा के बाद रिपोर्ट संबंधित विभाग के प्रभारी सचिव को भेजेंगे।
सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन और समग्र शिक्षा अभियान के भवन कार्य इस जांच के दायरे में रहेंगे। पीडब्ल्यूडी कार्यों के लिए अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता स्तर की टीम गठित की जाएगी। इसी प्रकार शिक्षा अभियान और नगरीय विकास विभागों के निर्माण कार्यों का भी मूल्यांकन होगा।
राज्य में समय-समय पर भवनों और सडक़ों की गुणवत्ता पर शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में यह विशेष अभियान पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अभियान 1 से 30 नवंबर तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा।
Updated on:
30 Oct 2025 09:04 pm
Published on:
30 Oct 2025 09:04 pm
