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अस्तित्व खोते जा रहे है प्राचीन कुएं

वर्षों पूर्व सैंकड़ोंं लोगों की प्यास बुझाने वाले प्राचीन जलस्त्रोत आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे है। क्षेत्र में ऐसे कई कुंए है, जो सूख चुके है और हादसे को न्यौता दे रहे है।
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अस्तित्व खोते जा रहे है प्राचीन कुएं

जैसलमेर/लाठी. वर्षों पूर्व सैंकड़ोंं लोगों की प्यास बुझाने वाले प्राचीन जलस्त्रोत आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे है। क्षेत्र में ऐसे कई कुंए है, जो सूख चुके है और हादसे को न्यौता दे रहे है। गौरतलब है कि वर्षों पूर्व लोग इन कुंओंं के पानी का उपयोग करते थे। समय के बदलाव के साथ गांवों व ढाणियों में जीएलआरों का निर्माण हो गया और घर-घर तक पाइपलाइन लग गई। ऐसे में ये कुंए अब उपेक्षा के चलते जमींदोज होने के कगार पर पहुंच गए है। जिनके उद्धार को लेकर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जैसलमेर. शहर के गांधी कॉलोनी स्थित जागृति पब्लिक स्कूल और जागृति क्लासेज के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे समर कैम्प में जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने अवलोकन किया। उन्होंने कैम्प में चल रही विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। जिला प्रमुख ने मशहूर चित्रकार कौशल भाटिया के निर्देशन में विद्यार्थियों की ओर से बनाए गए सुन्दर चित्रों की सहारना की और चित्रों व रंगों का जीवन में महत्व बताया। जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, कंवराजसिंह चौहान, नवीन जैन, क्विन हरीश और विदेशी कलाकार मलिशा ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया।