
मोहनगढ़. सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों ने इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी हेड पर बेमियादी धरना देते हुए।
मोहनगढ़ (जैसलमेर). जैसलमेर जोन के अंतिम छोर पर सिंचाई पानी की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी हेड पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि जैसलमेर जोन के लिए निर्धारित सिंचाई पानी का शेयर करीब 1800 क्यूसेक है, लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से खेतों में खड़ी फसलों पर संकट मंडरा रहा है। समय पर पानी नहीं मिलने से बोई गई फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। धरने पर बैठे किसानों ने सिंचाई विभाग पर समस्या को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि जैसलमेर जोन नहर परियोजना के अंतिम छोर पर होने से पानी की कमी का सबसे अधिक असर इसी क्षेत्र के किसानों पर पड़ता है। खेतों में बोई फसल को बचाने के लिए इस समय सिंचाई पानी की जरूरत है, लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी नहीं आने से किसान चिंतित हैं।
जीरो आरडी हेड पर शुरू हुए धरने में शुक्रवार को सैकड़ों किसान पहुंचे। किसानों को उम्मीद थी कि उनकी समस्या सुनने के लिए सिंचाई विभाग या प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे, लेकिन देर तक कोई अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में रोष बढ़ गया।किसानों ने बताया कि सिंचाई पानी की समस्या को लेकर पहले भी अधिकारियों और प्रशासन को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से उन्हें बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। जैसलमेर जोन में पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने को लेकर पहले भी किसान आंदोलन कर चुके हैं।
धरना स्थल पर शुक्रवार को किसानों ने बैठक कर आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में शनिवार को आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। किसान नेताओं ने बताया कि शनिवार को क्षेत्र के हजारों किसान जीरो हेड पहुंचेंगे। किसानों ने कहा कि जैसलमेर जोन के किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त सिंचाई पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। पानी की समस्या का तत्काल समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में खराब हो रही हैं। समय रहते सिंचाई पानी नहीं मिलने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
धरने में किसान नेता साहबान खां, पूनम सिंह, मोहन सिंह राजपुरोहित, राजू सिंह, हनुमान राम बिश्नोई, ईशान खां, नजीर खां, अली खां, एडवोकेट हसन खां सांवरा, कादर खां, प्रकाश, गिरधारी, सुरेश, राजू पूनिया, नारायण, मांगीलाल, साबिर खां, मामराज बिश्नोई, थाना राम चौधरी, लालाराम फौजी और चतुरसिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
Updated on:
02 Oct 2026 08:07 pm
Published on:
02 Oct 2026 08:07 pm
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