
वाहन पलटने से दूल्हे सहित बाराती घायल,फिर हुआ ऐसा,जानिए पूरी खबर
फलसूण्ड. क्षेत्र के कजोई गांव के पास रविवार की शाम एक स्कॉर्पियो वाहन पलट जाने से दुल्हे सहित आधा दर्जन बारातियों को मामूली चोटें लगी। गनीमत रही कि स्कॉर्पियो सवार किसी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं लगने से बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि लोहावट से एक स्कॉर्पियो में सवार दूल्हा व कुछ बाराती बाड़मेर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रविवार की शाम करीब छह बजे कजोई गांव के पास अचानक संतुलन बिगड़ जाने से स्कॉर्पियो पलट गई। जिससे उसमें सवार दुल्हे सहित आधा दर्जन बारातियों को मामूली चोटें लगी। दुर्घटना की सूचना पर आस पड़ौस से ग्रामीण एकत्र हुए तथा बारात के साथ आ रहा एक वाहन भी कुछ देर बाद यहां पहुंच गया। दुल्हे व सभी बारातियों को सकुशल बाहर निकाला। जिन्हें मामूली चोटें लगी थी। स्कॉर्पियो को सीधा कर सडक़ से दूर खड़ा किया गया। एक अन्य वाहन से दुल्हे व बारातियों को बाड़मेर के लिए रवाना किया गया।
सूचनाएं नहीं देने पर लगाया पांच हजार का अर्थदण्ड
पोकरण. राजस्थान राज्य सूचना आयोग की ओर से दिए गए निर्णय में राज्य लोक सूचना अधिकारी व सचिव ग्राम पंचायत भैंसड़ा को परिवादी को वांछित सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाने पर पांच हजार रुपए अर्थदण्ड आयोग में जमा करवाने के निर्देश दिए है। राज्य सूचना आयोग के आयुक्त चंद्रमोहन मीना की ओर से पारित किए गए निर्णय के अनुसार परिवादी जोधपुर निवासी अनिल पुरोहित की ओर से ग्राम पंचायत भैंसड़ा के लोक सूचना अधिकारी एवं सचिव ग्राम पंचायत भैंसड़ा से सूचनाएं व कुछ दस्तावेजों की नकलें मांगी गई थी, लेकिन उन्हें सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई। परिवादी की ओर से द्वितीय अपील संख्या 600/217 में दिनांक 29 जून 2017 को पारित निर्णय के बाद भी वांछित सूचनाएं व नकलें उपलब्ध नहीं करवाई गई। जिस पर उनकी ओर से राजस्थान राज्य सूचना आयोग में अपील की गई। आयोग के निर्णय के उपरांत भी न तो सूचनाएं उपलब्ध करवाई गई, न ही परिवादी को अपील अवलोकनार्थ आमंत्रित किया गया। प्रत्यर्थी सचिव ग्राम पंचायत भैंसड़ा की ओर से न तो परिवादोत्तर प्रस्तुत किया गया, न ही आयुक्त के निर्णय की पालना में कोई कार्रवाई की गई। आयोग की ओर से दिनांक 27 अप्रेल व 25 जून को नोटिस भी जारी किए गए। उन्होंने निर्णय में बताया कि प्रत्यर्थी सूचना अधिकार अधिनियम 2015 की अवहेलना का दोषी करार दिया जाता है और उसे अर्थदण्ड के रूप में पांच हजार रुपए की राशि शास्ती अधिरोपित किए जाते है। उन्होंने यह राशि जरिए डिमाण्ड ड्राफ्ट सचिव राजस्थान सूचना आयोग जयपुर के नाम आदेश प्राप्ति के 21 दिन में भिजवाने के निर्देश दिए है।
Published on:
12 Nov 2018 11:09 am
