10 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तापमान लुढ़का तो खिले भूमिपुत्रों के चेहरे

गेहूं, चने, सरसों, इसबगोल, जीरा, मैथी की फसल को लाभ
less than 1 minute read
Google source verification
तापमान लुढ़का तो खिले भूमिपुत्रों के चेहरे

तापमान लुढ़का तो खिले भूमिपुत्रों के चेहरे

लाठी क्षेत्र में गत कुछ दिनों से सर्दी का असर बढ़ गया है। जिससे रबी की फसल को लाभ मिल रहा है। मौसम में हुए बदलाव से विशेष रूप से गेहूं, चने, सरसों, इसबगोल, जीरा, मैथी की फसल को लाभ मिलेगा। जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी नजर आ रही है। क्षेत्र के जयप्रकाश देवड़ा, शिवनाथ, अमराराम भील, धर्माराम भील, खेमाराम जाट, राजूराम चौधरी, कूंपाराम सहित किसानों ने बताया कि इस वर्ष समय से पहले बारिश हो जाने और मानसून के समय बारिश कम होने से खेतों में नमी कम थी। जिसके कारण खरीफ की फसलों के उत्पादन में कमी हुई और किसानों को आर्थिक नुकसान भी हुआ। जिसके चलते किसानों की उम्मीदें अब रबी की फसल पर थी। हालांकि इस बार सर्दी देरी से शुरू हुई, लेकिन अब कुछ दिनों से रात व दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। तापमान में हो रही गिरावट से फसलों का अंकुरण शुरू हो गया है। जिससे किसानों को फायदा मिल रहा है। साथ ही फसलें भी बढऩी शुरू हो गई है। ऐसे में अब किसान रबी के मौसम में अच्छी उपज की आस लगा रहे है। अनुकूल मौसम के चलते सरसों सहित रबी की फसलें अंकुरित हो रही है। सरसों के पौधे जमीन से बाहर आ गए है और जमीन पर हरियाली की चादर नजर आ रही है। इसके अलावा चना, तारामीरा, जीरे की फसलें भी खड़ी होने लगी है। अब धीरे-धीरे सर्दी का असर बढऩे के साथ रबी की फसलों को फायदा होने की उम्मीद है।