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भा’दवा मेला 2018 – मेले में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़

बाबा रामदेव का 634वां अंतरप्रांतीय बाबा रामदेव मेला शनिवार को भी षष्ठी के अवसर पर परवान पर रहा। लगातार पदयात्रियों के जत्थे बाबा के जयकारे लगाते रामदेवरा पहुंच रहे है।
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jaisalmer

भा'दवा मेला 2018 - मेले में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़

रामदेवरा. बाबा रामदेव का 634वां अंतरप्रांतीय बाबा रामदेव मेला शनिवार को भी षष्ठी के अवसर पर परवान पर रहा। लगातार पदयात्रियों के जत्थे बाबा के जयकारे लगाते रामदेवरा पहुंच रहे है। मेला मैदान एवं आसपास के स्थानों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इन दिनों गांव से जुडऩे वाली सभी सडक़ों पर पदयात्रियों की व्यापक रेलमपेल लगी हुई है। प्रतिदिन 100 से अधिक पदयात्रियों के छोटे बड़े जत्थे ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते गाते रामदेवरा पहुंच रहे है। 20 से 25 दिनों तक लगातार पदयात्रा करने के बाद भी उनका जोश एवं उत्साह देखते ही बन रहा है। गत कई दिनों मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवक दिनोंदिन बढ रही है। जिसके चलते यहां मेला मैदान में रेलमपेल लगी हुई है तथा मेला चौक एवं उसके आसपास हजारों की तादाद में पदयात्रियों की चहल पहल बनी हुई है। माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी के अवसर पर बीकानेर एवं गंगानगर जिलों से बड़ी संख्या में पदयात्री यहां पहुंचे। जिन्होंने कतारबद्ध होकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए।

...बाबा ने बुलाया है
बाबा रामदेव के मेले में पैदल सफर कर आने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला अब भी अनवरत रूप से जारी है। सैंकड़ों किमी का लम्बा सफर पैदल तय कर जब वे बाबा के दरबार पहुंचते है, तो जोश व उत्साह के साथ नाना प्रकार के नारे लगाते है। आस्था के चलते बाबा के दर आने वाले श्रद्धालुओं में 60 फीसदी लोग पैदल चलकर आते है। उनका यह सिलसिला करीब एक माह से लगातार बना हुआ है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले पुरुष व महिला श्रद्धालु अपनी ओर से तैयार किए हुए नए-नए नारे जोर जोर से लगाते है। जिससे उनका उत्साह देखते ही बनता है। मंदिर प्रवेश द्वार के पास पहुंचते ही इन दिनों एक दो तीन चार, बाबा तेरी जय-जयकार, कांदो रोटी थैले में, बाबो मिल गयो मेले में, एक किलो पैठा, बाबो देवे बेटा, पैदल पंछी आया है, बाबा ने बुलाया है, एक जलेबी तेल में, बाबो बैठो रेल में, ऊपर मोटर नीचे कार, बाबा तेरी जय-जयकार, चलो बुलावा आया है, बाबा ने बुलाया है, आपा किणरा बाबे रा, बाबो किणरो आपा रो सहित अपनी ओर से बनाए गए नारे लगाकर बाबा के भक्त जोश व उत्साह बढा रहे है। बाबा के जयकारों व नारों से सैंकड़ों किमी पैदल चलकर आए श्रद्धालु अपनी थकान भूल जाते है।

झूले सर्कस आकर्षण का केन्द्र
गांव में चल रहे मेले के दौरान जातरुओं के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले व सर्कस यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी आकर्षण का केन्द्र बने हुए है। बाबा की समाधि के दर्शनों के बाद देर रात्रि तक हजारों श्रद्धालु इन मनोरंजन केन्द्रों पर पहुंचकर मेला घूमने का लुत्फ उठा रहे है। पोकरण रोड व नाचना रोड पर अलग-अलग दो जगहों पर झूले व सर्कस लगाए गए है। सैंकड़ों किमी का लम्बा सफर तय कर आने वाले श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शनों के बाद यहां पहुंचकर अपना समय व्यतीत कर रहे है तथा मनोरंजन कर रहे है। कुंआनुमा लकड़ी के पट्टों पर तेज रफ्तार से बाइक व मारुति कार चलाकर हैरत अंगेज प्रदर्शन दिखाने वाले कार्यक्रमों को देखकर जातरु काफी रोमांचित हो रहे है। इसके अलावा हाथ की सफाई, सर्कस आदि लगे अलग-अलग प्रदर्शन लोगों के लिए काफी आकर्षण का केन्द्र बने हुए है।