4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देशभक्ति के रंग से सरोबार सरहदी गाँवों के बाशिंदे, ‘हजारों युवा खून देने को तैयार,अब सिखा दो सबक’

-सरहदी गांवों के बाशिंदे बोले- हम डरेंगे नहीं पड़ौसी को डराएंगे
2 min read
Google source verification
jaisalmer

देशभक्ति के रंग से सरोबार सरहदी गाँवों के बाशिंदे, ‘हजारों युवा खून देने को तैयार,अब सिखा दो सबक’

सरहदी मोहनगढ़, राघवा व नाचना गांव (जैसलमेर.) पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाक सीमा से सटे सरहदी गांवों के बाशिंदों में रक्त उबाल मार रहा है, भुजाएं फडक़ रही हैं। हजारों युवा दूसरी रक्षा पंक्ति के रुप में सेवाएं देने को तैयार है और घायल जवानों के उपचार में खून की कमी नहीं आने देंगे। देशभक्ति के रंग से सराबोर यह सूरते हाल इन दिनों सरहद के समीप बसे मोहनगढ़, राघवा और नाचना गांवों में देखने को मिल रहा है। पाक से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर मोहनगढ़ क्षेत्र में इन दिनों माहौल आम दिनों की तुलना में जुदा है। चाहे बैंक का एटीएम हो या फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, किला हो या पशु चिकित्सालय, आदर्श थाना हो या कृषि उपज मंडी या फिर विद्यालय...। पुलवामा हमले को लेकर जवाब देने और वर्तमान घटनाक्रम पर ही चर्चा सुनी जा सकती है। आजम खां सांवरा व मोतीलाल प्रजापत बताते है कि उन्होंने सुना है कि सरहद के उस पार सैन्य हलचल बढ़ी है, लेकिन उन्हें अपनी सुरक्षा बलों की ताकत पर भरोसा है। इसलिए डरने का सवाल ही नहीं है। गुमानाराम बांभणिया बताते है कि आतंकियों का सफाया हो और शहीदों की शहादत का बदला लिया जाए। सरहद से 50 किलोमीटर दूर बसे राघवा गांव में महिलाएं भी पड़ोसी की सैन्य हलचल से बिलकुल भी खौफजदा नहीं है। गृहणी राधा सोलंकी बताती है कि उन्हें सेना व सुरक्षा एजेन्सियों पर पूरा भरोसा है और वे बिलकुल भयभीत नहीं है।

रक्त की कमी नहीं होने देंगे हथियार भी उठा लेंगे
पाकिस्तान से करीब 60 किलोमीटर दूर नाचना क्षेत्र के बाशिंदों को आतंकी हमले के बाद संभावित हालातों का अहसास है, लेकिन भय उनके चेहरे पर तनिक भी नहीं है। यहां मुख्य बाजार पर समूह में बैठे लोग बतिया रहे थे, चर्चा का विषय केवल यही कि अब जवाब देना ही होगा। ग्रामीण स्वरुपसिंह बताते हैं कि यदि सरकार व हमारी सेना हमारा सहयोग चाहती है तो वे तैयार है। युद्ध में रक्तदान की जरुरत पड़ती है तो हजारों युवा तैयार है। राजेन्द्र पालीवाल बताते हैं कि नाचना क्षेत्र के लोग सहयोग के लिए दूसरी पंक्ति में तैयार है। चाहे हथियार उठाना पड़े या खून की जरूरत हो, वे तैयार है। सत्यनारायण व राजेन्द्र सैन ने भी कहा कि हम हर संभव सहयोग देंगे, जवाब तो देना ही होगा।