5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दशमी को जैसलमेर के इस गांव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,जानिए पूरी खबर

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी।
2 min read
Google source verification
Crowd of devotees at Dashami in ramdevra

Crowd of devotees at Dashami in ramdevra

रामदेवरा. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। गंगा दशमी के अवसर पर देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचे। यहां आए श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद चढाकर अमन, चैन व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। बावजूद इसके श्रद्धा व आस्था के चलते प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जिससे गांव में चहल पहल देखने को मिल रही है। शुक्रवार को गंगादशमी के अवसर पर यहां आए श्रद्धालुओं ने रामसरोवर में डुबकी लगाई तथा मंदिर के बाहर बैठे गरीबों, असहायों को दान पुण्य किया। श्रद्धालुओं ने रामसरोवर, परचा बावड़ी, झूला पालना, रुणीचा कुंआ आदि का भ्रमण किया तथा बाजार से जमकर खरीदारी की। जिससे गांव में रेलमपेल देखने को मिली।

गंगा दशमी पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
पोकरण. निर्जला एकादशी से एक दिन पूर्व शुक्रवार को कस्बे में पवित्र गंगानदी के धरती पर अवतरण के दिवस के रूप में गंगा दशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु पुरुष महिलाओं ने अलसुबह परंपरा के अनुसार सरोवरों व कुंओं पर जाकर स्नान किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। शुक्रवार को दिनभर लोगों ने गंगा दशमी के अवसर पर गरीबों को खाद्य पदार्थ व गायों को घास खिलाकर दान पुण्य किया। कस्बे से 8 किमी दूर डिडाणिया ग्राम पंचायत के सुथारों की बेरी पर अलसुबह सैंकड़ों महिलाओं ने गंगादशमी पर हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान किया। गौरतलब है कि केरावा नदी के अंदर सुथारों की बेरी नाम से एक पक्का कुंआ बना हुआ है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि इस कुए में गंगानदी धारा आती है तथा इसका पानी कभी नहीं सूखता है। कुए का जलस्तर भी जमीन सतह के बराबर है। यहां लगातार कई बार अकाल पडऩे के बावजूद भी इस कुए का न तो कभी पानी खत्म हुआ, न ही जलस्तर कम हुआ। केरावा नदी के आसपास क्षेत्र में पोकरण लवण क्षेत्र होने के बावजूद भी इस कुंए का पानी मीठा व पीने योग्य है, जबकि अन्य सभी कुंओं का पानी खारा व लवणयुक्त है। इसके चलते भी लोग इस कुए को ईश्वर का चमत्कार मानकर प्रत्येक माह की पूर्णिमा, कार्तिक, वैशाख, ज्येष्ठ व गंगादशमी जैसे पवित्र अवसरों पर यहां श्रद्धा के साथ स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित करते है। बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को यहां से रेलों, बसों व अन्य निजी वाहनों से हरिद्वार के लिए रवाना हुए। जिन्होंने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचकर गंगास्नान किया।

जमकर हुई आम की बिक्री
क्षेत्र में शनिवार को निर्जला एकादशी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी के अवसर पर सिंगाड़े की सेव, आम, मावे के पेठे, खजूर की पंखियां, ठण्डाई व मटकियों का वितरण कर दान पुण्य किया जाता है। इसी को लेकर बाजार में हाथ ठेलों व फलों की दुकानों पर भारी मात्रा में आम की बिक्री होने लगी है। शुक्रवार को आम खरीदने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिली।