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नहीं खोले रेल डिब्बों के गेट, परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों ने किया कुछ ऐसा, जानिए पूरी खबर

जैसलमेर से जयपुर वाया बीकानेर होकर चलने वाली लीलण एक्सप्रेस शनिवार की देर रात्रि दो बजे रामदेवरा रेलवे स्टेशन पहुंची।
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Deprived candidates from constable examination not open train gate

नहीं खोले रेल डिब्बों के गेट, परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों ने किया कुछ ऐसा, जानिए पूरी खबर

रामदेवरा(जैसलमेर). जैसलमेर से जयपुर वाया बीकानेर होकर चलने वाली लीलण एक्सप्रेस शनिवार की देर रात्रि दो बजे रामदेवरा रेलवे स्टेशन पहुंची। इस दौरान पूर्व में रेल में सवार यात्रियों ने रामदेवरा पहुंचने पर रेल डिब्बों के गेट नहीं खोले। जिससे पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने जा रहे युवाओं तथा अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। गौरतलब है कि रविवार को प्रदेशभर में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। जैसलमेर जिले के अभ्यर्थियों का परीक्षा केन्द्र बीकानेर होने के कारण पोकरण क्षेत्र के अधिकांश अभ्यर्थी रामदेवरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। बीकानेर जाने वाले अभ्यर्थी रामदेवरा रेलवे स्टेशन पर लीलण एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन रेल में पूर्व में सवार यात्रियों ने रामदेवरा स्टेशन पहुंचने से पूर्व ही डिब्बों के गेट बंद कर दिए। कई बार युवाओं व यात्रियों के खडख़ड़ाने के बाद भी गेट नहीं खोले। जिसके चलते अभ्यर्थी रेल में यात्रा नहीं कर सके।

जमकर किया हंगामा
जैसलमेर से लीलण एक्सप्रेस शनिवार की देर रात्रि दो बजे रामदेवरा स्टेशन पहुंची। यहां पहुंचते ही करीब 150 युवा रेल में सफर करने के लिए आगे बढे, लेकिन रेल में पूर्व में सवार यात्रियों ने डिब्बों के गेट बंद कर दिए। युवाओं व यात्रियों के कई बार दरवाजे खट-खटकाने के बावजूद यात्रियों ने डिब्बों के दरवाजे नहीं खोले। जिससे एकबारगी यहां माहौल अफरा तफरी का हो गया। गुस्साए युवा रेल पटरियों पर खड़े हो गए तथा जमकर हंगामा किया। रेलवे स्टेशन पर खड़े कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों से समझाइश की तथा उन्हें पटरियों से दूर किया। युवाओं के दूर हटते ही रेल भी रवाना हो गई।

परीक्षा से हुए वंचित, यात्री हुए परेशान
रेल के रवाना होने के बाद युवाओं के होश फाख्ता हो गए। क्योंकि इसके बाद बीकानेर के लिए कोई रेल या साधन नहीं था। कई अभ्यर्थी रेल या बस के अभाव में परीक्षा देने से वंचित रह गए, तो कुछ यात्री सुबह अपने निजी खर्चे से रामदेवरा से वाहन किराए पर लेकर बीकानेर के लिए रवाना हुए, तो कई अभ्यर्थी बीकानेर नहीं पहुंच पाए, जो परीक्षा देने से वंचित रह गए। युवाओं ने रेलवे कर्मचारियों के समक्ष जमकर रोष प्रकट किया। इसके बाद अभ्यर्थी व अन्य यात्री कतार लगाकर अपने टिकिट पुन: लौटने के लिए खड़े हो गए। रेलवे कार्मिकों ने टिकट निरस्त कर राशि पुन: लौटाई। शनिवार को बाबा की दूज होने के कारण देश के कोने-कोने से सैंकड़ों यात्री भी दर्शनों के लिए आए हुए थे। जिन्हें बीकानेर, जयपुर व उससे आगे यात्रा करनी थी, जो रेल आने से पूर्व टिकट लेकर प्लेटफार्म पर बैठ गए, लेकिन एक भी डिब्बा खुला नहीं होने के कारण उन्हें भी परेशानी हुई तथा सुबह उन्हें अन्य वाहनों से अपने गंतव्यस्थलों के लिए रवाना होना पड़ा।

नहीं की किसी ने सहायता
पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का केन्द्र बीकानेर था, लेकिन टिकट के बावजूद रेल में सवार यात्रियों ने दरवाजा नहीं खोला। इस संबंध में रेलवे कार्मिकों ने भी उनकी कोई सहायता नहीं की।
फिरोजखां, अभ्यर्थी

आरक्षण डिब्बे का गेट भी बंद
किसी कार्य से जयपुर के लिए आरक्षण करवाया गया था। रेल डिब्बों में आरक्षण श्रेणी के दरवाजे भी नहीं खुले। जिससे परेशानी हुई।
सरला, यात्री