
प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को जैसलमेर के भारत-पाक सीमा क्षेत्र का दौरा करते हुए विश्वविख्यात तनोट माता मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला अफजाई की। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान देश के असली रक्षक हैं। उन्होंने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक योगेन्द्रसिंह राठौड़ ने उनकी अगवानी की और तनोट मंदिर में स्मृति उपहार भेंट किए। दीया कुमारी ने बाद में बीएसएफ जवानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को भी सुना एवं इस संवाद को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हर देशवासी को जोडऩे एवं प्रोत्साहित करने का कार्य करता है। इस मौके पर जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी और भाजपा नेता विक्रमसिंह नाचना भी उपमुख्यमंत्री के साथ थे।
उपमुख्यमंत्री ने जैसलमेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में बीएसएफ एवं पर्यटन विभाग की ओर से किए जा रहे साझा प्रयासों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और वीरता की ऐतिहासिक कहानियों के साथ पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
उपमुख्यमंत्री ने बाद में जोधपुर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध वार म्यूजियम का निरीक्षण कर भारतीय सेना के शौर्य, सेवा और बलिदान की उन अमर गाथाओं को नमन किया। जिन्हें संग्रहालय में अत्यंत संवेदनशीलता और गौरव के साथ सहेज कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थल भारतीय सेना गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रभक्ति, प्रेरणा और आत्मगौरव का जीवंत प्रतीक है। दीया कुमारी ने कहा कि इस अवसर पर उनके पिता ब्रिगेडियर भवानी सिंह की प्रतिमा एवं उनके अद्भुत सैन्य योगदान को संग्रहालय में प्रतिष्ठित रूप में देखकर अत्यंत भावुक और गर्व की अनुभूति हुई। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि असंख्य जांबाजों की चिरस्थायी उपस्थिति है, जिनकी बहादुरी से आज भारत स्वाभिमान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हम अपनी सैन्य परंपरा, शौर्यगाथाओं और वीर स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पूरी गरिमा के साथ पहुंचाएं। वार म्यूजियम जैसे प्रेरणास्थल हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करते हैं।
Published on:
31 Aug 2025 09:20 pm
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