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नहीं थम रहा इंतजार….कब होगा धर्मकुंडा का उद्धार ?

-विरासत का सुध लेने की दरकार
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नहीं थम रहा इंतजार....कब होगा धर्मकुंडा का उद्धार ?

नहीं थम रहा इंतजार....कब होगा धर्मकुंडा का उद्धार ?

पोकरण कस्बे में स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व का स्थान धर्मकुंडा प्रशासनिक उपेक्षा के चलते बदहाली के आंसू बहा रहा है। साथ ही यहां परिसर में निर्मित कलात्मक प्राचीन बारादरी भी जर्जर होकर जमींदोज होने के कगार पर पहुंच गई है, लेकिन प्रशासनकी ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है कि इस धर्मकुंडा का अपना अलग धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते यहां पर सुधार के नाम पर कुछ भी कार्य नहीं हो पाया है। कस्बे के कुछ धर्म प्रेमियों व समाजसेवी लोगों की ओर से इसके जीर्णोद्धार व विकास का कार्य हाथ में लेकर यहां पेड़ पौधे लगाकर छोटी-छोटी वाटिकाएं विकसित की है, साथ ही यहां श्रमदान कर सफाई के भी कार्यक्रम किए गए। ऐसे में धर्मकुंडा स्थित शिव मंदिर के आसपास पेड़, पौधे व हरियाली नजर आने लगी है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से सुध नहीं लिए जाने के कारण यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे है और ऐतिहासिक स्थल का उद्धार नहीं हो रहा है।

बारादरी ध्वस्त होने के कगार पर

धर्मकुंडा परिसर में ऐतिहासिक बारादरी स्थित है। वर्षों पुरानी बारादरी की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण क्षतिग्रस्त होकर जर्जर हो चुकी है। हालांकि करीब डेढ़ दशक पूर्व इस बारादरी की मरम्मत के लिए कुछ राशि भी स्वीकृत की गई थी, लेकिन इस राशि का यहां खास उपयोग नहीं हुआ, न ही सही तरीके से बारादरी की मरम्मत की गई। जिसके कारण लाल पत्थर से निर्मित ऐतिहासिक बारादरी के ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। जानकाराें की मानें तो यदि समय रहते इसकी इसकी सुध नहीं ली गई तो इसका अस्तित्व खतरें में पड़ जाएगा।

...तौ लौट सकेंगे पुराने दिनऐतिहासिक स्थान पर यदि प्रशासन की ओर से सुधार के प्रयास किए जाए तो इसके पुराने दिन फिर से लौट सकते है। जिससे यहां धर्म प्रेमियों की चहल पहल बढ़ेगी और कस्बे के लोगों को निकट ही एक घूमने फिरने का स्थान उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही पोकरण आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थल आकर्षण का केन्द्र बन सकेगा।

सड़क भी क्षतिग्रस्त, रोशनी का अभाव

कस्बे में फलसूंड रोड पर बीएसएनएल कार्यालय के सामने पंडित दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी के बीच से शिवबाग होते हुए धर्मकुंडा तक करीब एक दशक पूर्व डामर सड़क का निर्माण करवाया गया था। जिसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई और सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही यहां रोड लाइटों की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में रात के समय आवागमन में परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।