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इ-फार्मेसी के विरोध में बंद रही दवा की दुकानें, लोग हुए परेशान

-अस्पताल और सहकारी भंडार की दुकानों पर उमड़ी भीड़
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इ-फार्मेसी के विरोध में बंद रही दवा की दुकानें, लोग हुए परेशान

जैसलमेर. केंद्र सरकार की ओर से इ-फार्मेसी के जरिए दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में जैसलमेर जिले भर की दवाइयों की दुकानें शुक्रवार को बंद रही। इसके चलते मरीजों और उनके रिश्तेदारों को कई परेशानियां पेश आई। हालांकि इस संबंध में अखिल भारतीय स्तर पर केमिस्टों ने पहले ही शुक्रवार को दुकानें बंद रखने का प्रचार-प्रसार किया था। इसके बावजूद सभी लोगों को इसकी जानकारी नहीं होने और कइयों को तुरंत आवश्यकता पडऩे पर उन्हें दवा प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जैसलमेर के जिला अस्पताल जवाहर चिकित्सालय स्थित नि:शुल्क दवा काउंटरों तथा अस्पताल परिसर में स्थित सहकारी उपभोक्ता भंडार की मेडिकल दुकान पर आम दिनों से ज्यादा संख्या में लोग दवाई लेने पहुंचे।
नहीं खुले दुकानों के शटर
जैसलमेर मुख्यालय पर शुक्रवार को सभी केमिस्ट आम हड़ताल पर रहे। किसी दुकान के शटर नहीं खुले। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से लिए गए इ-फार्मेसी के निर्णय के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर दवा वि?ेताओं के विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को मेडिकल दुकानें बंद रखी। ऐसे में जिन लोगों को इस हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी वे दवाइयों के लिए परेशान होते रहे। हड़ताल के चलते जवाहर चिकित्सालय के दवा काउंटरों पर आम दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत से ज्यादा दवाइयां लोगों को दी गई। ऐसे ही उपभोक्ता भंडार की दवाई की दुकान खुली रहने से लोग वहां ब्रांडेड दवाइयां लेने पहुंचे। जानकारी के अनुसार रोजाना की तुलना में यहां दवाइयों की बिक्री में 50 प्रति?ात से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

फैक्ट फाइल -
-92 दवाइयों की दुकानें जैसलमेर में
-384 दुकानें जैसलमेर जिले में
-3.50 करोडक़ा टर्नओवर प्रतिदिन
दवा व्यवसाइयो का बंद रहा सफल
विरोध में दिया ज्ञापन
दवा व्यवसाइयो के देशव्यापी बंद के दौरान शहर के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सभी दुकानें भी बंद रही तथा सरकार की ओर से लागू की गई ई.फार्मेसी का विरोध किया गया। एआइओसीडी के आह्वान पर आयोजित बंद के दौरान जिला केमिस्ट एसोसिएशन जैसलमेर के पदाधिकारी व सदस्य सचिव मनोज आर भाटिया के नेतृत्व में हनुमान चौराहे पर एकत्रित होकर जुलुस के साथ केंद्र सरकार की ऑन लाइन दवा व्यवसाय योजना के विरोध में नारे लगते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां सभा का आयोजन कर जिला कलेक्टर ओम प्रकाश कसेरा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम का ज्ञापन सौपा । सभा को संबोधित करते हुए सचिव मनोजआर भाटिया ने कहा कि ई-फार्मेसी की ओर से दवा मंगाने से ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट 1945 की पालना करना असम्भव है और इससे नशीली दवाइयों के दुरुपयोग की संभावना भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ई-फार्मेसी के कारण दवा व्यवसाय से जुड़े लगभग 50 लाख व्यक्ति व उन पर आश्रितों के रोजगार में कमी आएगी। जुलूस व सभा में अर्जुनसिंह भाटी, हेमसिंह भाटिया दीनदयाल खत्री अमृत भूतड़ा, मुकेश गज्जा, प्रदीप भाटिया, जीतमल खत्री, नरेन्द्र भाटिया, महेंद्रसिंह चौहान, जयंत भाटिया, संजय खत्री, राकेश भाटिया, पवन वैष्णव, असकर अली, महेंद्रसिंह भाटी, कमलेश खत्री, गणेशपुरी, राजेन्द्र परिहार, भगवानदास करवा, विपिन जैन, प्रकाश सिन्धी, राजेन्द्रसिंह, मनीष खत्री, आकाश भाटिया, अजय गोयल, ललित पुरोहित, राजेश भार्गव सहित कई दवा व्यवसाई उपस्थित थे।
मोहनगढ़. कस्बे में शुक्रवार को जिला जैसलमेर केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए पूर्णतया बंद रहे। मेडिकल स्टोर के बंद रहने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। दिन भर मरीज मेडिकल स्टोर के चक्कर काटते नजर आए। आसपास के लोगों से मेडिकल स्टोर के बंद होने के बारे में पूछते नजर आए। इस संबंध में जैसलमेर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं हुकम चौधरी, सुभाष चन्द्र वर्मा ने बताया कि दवाओं की ऑन लाइन खरीददारी को रोकने के साथ ही अन्य मांगो को लेकर ऑल इंडिया ओर्गेनाइजेशन ऑफ ड्रगिस्ट एण्ड केमिस्ट के आह्वान पर जिला केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा पूरे जिले में मेडिकल स्टोर को एक दिन के लिए बंद रखने का आह्वान किया गया था। शुक्रवार को मोहनगढ़ के सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहे।