
जैसलमेर। सांचौर जिले के मूल निवासी कमांडो दिनेश कुमार ने बुधवार को गोली लगने से करीब एक घंटा पहले करीब 1 बजे इंस्टाग्राम अकाउंट पर 3 स्टोरी साझा की, जिसमें उसने लिखा- दिल से साफ थे, इसलिए दिमाग वालों से हार गए। एक अन्य में लिखा, थक चुका हूं मैं, अब अपने हालात किसी से कहे नहीं जाते। सब चेहरे मुझे देखकर हंसने लगते हैं। इसी तरह का एक अन्य स्टेटस लगाया, मैं अपने बुरे वक्त में अकेला हूं, मुझे किसी ने नहीं कहा कि मैं तेरे साथ हूं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सुरक्षा ड्यूटी के सिलसिले में जोधपुर से जैसलमेर आ रहे ईमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ईआरटी) के पुलिस कमांडो के बुधवार को सिर में गोली लगने के बाद वह जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। कमांडो के सिर में गोली उसने खुद को मारी या दुर्घटनावश पिस्तौल से गोली लग गई, इस बारे में अभी तक खुलासा होना शेष है।
बस में सवार साथियों की तरफ से बताया गया था कि वह हादसे से थोड़ी देर पहले आगे से बस की पिछली सीट पर जाकर बैठ गया था। तब उसने कहा था कि उसके सिर में दर्द है और वह थोड़ी देर सोना चाहता है। उसके पीछे जाने के बाद गोली चलने की आवाज ने सबको चौंका दिया था। उसके साथी कमांडो ने बताया कि उसकी 6 साल पहले शादी हुई और 2 बच्चे हैं। हाल में उसने जोधपुर में घर बनाया और परिवार में सब ठीक है।
दिनेश कुमार को जैसलमेर में प्राथमिक उपचार के बाद बुधवार को जोधपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 3 घंटे में पहुंचाया गया था। जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में पहले से तैयार चिकित्सकों की टीम ने उसका उपचार शुरू किया। जानकारी के अनुसार उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
Published on:
13 Jun 2024 07:30 pm
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