
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को कोणार्क कोर के अग्रिम क्षेत्रों में पहुंचे और पश्चिमी मोर्चे पर जारी ऑपरेशन सिंदूर की संयुक्त कार्रवाइयों की समीक्षा की। दौरे का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना, वायु सेना और सीमा सुरक्षा बल के समन्वय से हुए त्वरित और प्रभावी अभियानों की स्थिति का अवलोकन करना था। इस दौरान सेना प्रमुख ने रेगिस्तानी मोर्चे पर सतर्कता से तैनात सैनिकों की सराहना करते हुए कहा— शाबाश! लोंगेवाला क्षेत्र में हुई इस यात्रा के दौरान जनरल द्विवेदी ने सैनिकों के साथ संवाद करते हुए उनकी वीरता, अनुशासन और अडिग संकल्प को सलाम किया। उन्होंने ड्रोन घुसपैठ को नाकाम करने वाली कार्रवाइयों की विशेष रूप से सराहना की, जिनके चलते दुश्मन की किसी भी दुस्साहसी कोशिश को समय रहते रोका गया। ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत रेगिस्तानी इलाकों में सेना ने वायुसेना और बीएसएफ के साथ मिलकर निगरानी संसाधनों और वायु रक्षा प्रणालियों की त्वरित तैनाती की। हथियार प्रणालियों की सुनियोजित स्थिति और नागरिक प्रशासन के सहयोग से समन्वित अभियान ने प्रभावी क्षेत्रीय नियंत्रण स्थापित किया।
सेना प्रमुख ने कोणार्क कोर के कमांडरों और जवानों की पेशेवर क्षमता, ऊंचे मनोबल और परिचालन योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने को तैयार है।.गर्मियों की कठोर परिस्थितियों में रेगिस्तानी मोर्चे पर तैनात सैनिकों के धैर्य और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उन्हें राष्ट्र के प्रति निष्ठा और अदम्य सेवा के लिए धन्यवाद दिया।
Published on:
19 May 2025 07:00 pm
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