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ग्रेट व्हाइट पेलिकन पक्षी पहुंचे थार मरुस्थल,वन्यजीवप्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी

- जिले के वन्यजीवप्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी- फतेहगढ़ के सांवता गांव स्थित तालाब में दिखे चार पक्षी- एक पक्षी की करंट से हुई मौत
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ग्रेट व्हाइट पेलिकन पक्षी पहुंचे थार मरुस्थल,वन्यजीवप्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी

जैसलमेर/पोकरण. जिले के वन्यजीवप्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी है। गत दो दिन पूर्व जिले के सांवता गांव के पास एक तालाब में ग्रेट व्हाइट पेलिकन पक्षी का झुंड नजर आया है। इस झुंड में चार पक्षी शामिल थे। जिले में लगातार हो रही प्रवासी पक्षियों की आवक वन्यजीवप्रेमियों के लिए खुशी की बात है। गौरतलब है कि पूर्व में यलो पिजन, पेंटेड स्टॉर्क पक्षियों के झुंड भी नजर आए थे। अब जिले के सांवता गांव के इंडेरी तालाब पर पार्थ जगाणी की ओर से इन पक्षियों को देखा गया और इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञों डॉ.दिवेश सैनी व राधेश्याम पेमाणी को दी गई। उन्होंने इन पक्षियों के बारे में जांच पड़ताल की तथा प्रवासी पक्षियों की आवक पर खुशी जताई।

दक्षिण-पूर्वी यूरोप से आते हैं रोजी पेलिकन
इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली के पक्षी विशेषज्ञ डॉ.सुमित डूकिया ने पत्रिका से बातचीत करते हुए बताया कि ग्रेट व्हाइट पेलिकन, जिन्हें रोजी पेलिकन भी कहते हैं, ये दक्षिण-पूर्वी यूरोप में निवास करते हैं और अफ्रीका के रास्ते से यहां आते हैं। पेलिकन दलदली व उथली झीलों में प्रजनन करता है। इनका मुख्य भोजन मछलियां है। उन्होंने बताया कि पेलिकन समूह में रहते हैं और सामूहिक रूप से मछलियों का शिकार करते हैं। इनकी प्रवृत्ति मिलनसार है और ये बड़े झुंड बनाते हैं। यह पक्षी उड़ता भी है और पानी में भी निवास करता है। ये भारत में शीत प्रवासी पक्षी है।
जिले के तालाबोंं में मछलियां होने की संभावना
पक्षी विशेषज्ञ डॉॅ.डूकिया ने बताया कि पूर्व में पोकरण क्षेत्र में पेंटेड स्टॉर्क पक्षी देखे गए थे और अब रोजी पेलिकन। इन दोनों प्रजातियों के पक्षी मात्र मछलियोंं का भोजन करते है। इनकी आवक व यहां मिलना जिले के तालाबों में मछलियों के होने का संकेत दे रहा है। प्रचुर मात्रा में मछलियां होने पर यहां और भी कई प्रवासी पक्षियों के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रोजी पेलिकन के पुन: लौटने का समय है, जो दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान व मेवाड़ क्षेत्र में होने की संभावना जताई जा रही है। अब ये पक्षी पश्चिमी राजस्थान से होकर मध्य एशिया की तरफ जा रहे हैं। जैसलमेर में इनका दिखना इस बात का प्रमाण है।
एक पेलिकन की करंट से हुई मौत
जिले के सांवता में चार पक्षी नजर आए। इनमें से एक पक्षी मृत पड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि तालाब से उडऩे के दौरान ऊपर से निकल रही हाइटेंशन लाइनों में चपेट में आने से उसकी मौत हुई है।