
'महात्मा गांधी ने अनुशासित आहार व्यवस्था से अपना जीवन जीया'
जैसलमेर. महात्मा गांधी ऐसे व्यक्तिव के धनी थे जो सामने से सरल, लेकिन विचारों से वे बौद्विक थे। उनकी वेषभूषा के साथ खाना भी काफी साधारण, लेकिन पौष्टिक हुआ करता था। उन्होंने भोजन को एक आवश्यक घटक के रूप में देखा जो मानव चेतना को आकार देता है। यह बात पूर्व राज्य निदेशक नेहरु युवा केन्द्र संगठन मिजोरम, एसआर बिश्नोई ने नेहरु युवा केन्द्र द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य व पोषण युवा यात्रा के दौरान कही। बिष्नोई ने कहा कि गांधी का कहना था जो इंसान जितना सादा खाना खाता है, उसके विचार उतने ही उच्च होते है। मनुष्य एक मासांहारी जीव नहीं है, वह शाकाहारी है । अत: उसे फल और दुध का भरपूर सेवन करना चाहिए। युवा पोषण यात्रा के समन्वयक राजेन्द्र पुरोहित ने पूर्व राज्य निदेश्क बिष्नोई का स्वागत करते हुए कहा कि दल सं. 2 कबीर बस्ती,नग्गा,नेहड़ाई में युवा पोषण यात्रा चलाई गई, जहां कबीर बस्ती में छोटूराम ग्राम दानी अध्यक्ष, खुशालाराम, अध्यक्ष खादी ग्रामोद्योग कबीर बस्ती ने विचार व्यक्त करते हुए युवा पोषण यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान नवयुवक मंडल के अध्यक्ष मनोहरलाल ने यात्रा के उदेश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी को संतुलित आहर लेने की बात कही। इसी प्रकार नेहड़ाई में नवयुवक मंडल के अध्यक्ष अमृत लाल के नेतृत्व में युवा पोषण यात्रा के साथ गए स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर घर घर पोषण की बात कही। इस अवसर पर कला जत्थों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रोचक नुक्कड़ नाटक के जरिये पोषण का संदेश दिया। कला जत्था सं. 3 ने काहला, कुछड़ी और खुईयाला गांव में जाकर महिलाओं और बच्चों को जादू प्रदर्शन, कठपुतली के माध्यम के साथ साथ चौपाल बैठक व समुदाय के साथ चर्चा कर पोषण की जानकारी दी। काहला में कबीरा राम वनरक्षक,देवकी आगंनवाड़ी कार्यकत्र्ता, कुछड़ी में सुगनादेवी आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता, खुईयाला में सामाजिक कार्यकत्र्ता मेधाराम सौलंकी, चिमाराम, आम्बाराम, आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता रामेष्वरी ने स्वयं सेवकों के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य के सबंध को बताया। इसी प्रकार दल सं. 1 ने साकडिय़ा,बाधथल व झाबरा में स्वास्थ्य व पोषण की अलख जगाई।
Published on:
30 Dec 2018 05:29 pm
