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हिंदू सुरक्षा ही परिषद का लक्ष्य, विस्थापितों के लिए बनेगी ठोस योजना: मिलिंद परांडे

 विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि हिंदू की सुरक्षा करना ही परिषद का मूल कार्य है।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 9 Sep 2025, 8:38 PM IST

 विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि हिंदू की सुरक्षा करना ही परिषद का मूल कार्य है। पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न सहकर आए विस्थापितों को परिवार की तरह संबल दिया जाएगा। कोई भी हिंदू संकट में न रहे, इसकी निगरानी परिषद पूरी निष्ठा से करेगी। विस्थापितों की नागरिकता, वीजा, आधार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को लेकर सरकार से उच्च स्तर पर संवाद स्थापित किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद और विस्थापित भारतीय कल्याण समिति के तत्वावधान में रविवार को राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों का प्रवास रहा। सुबह महेश्वरी वृद्धाश्रम में कार्यक्रम हुआ, जहां भारतमाता और रामदरबार के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत की गई। मंच पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मोहन मगनानी, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम, प्रांताध्यक्ष डॉ. राम गोइल, प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी, प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल और जिला अध्यक्ष नटवर व्यास उपस्थित रहे।

मिलिंद परांडे ने संबोधन में कहा कि जैसलमेर में बसे विस्थापितों के बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और सुरक्षा की जिम्मेदारी परिषद उठाएगी। जिन परिवारों के कुछ सदस्य अब भी पाकिस्तान में हैं, उनके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। कोई भी विस्थापित उपेक्षित न रहे, इसके लिए अलग-अलग स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मोहन मगनानी ने कहा कि विश्व के किसी भी कोने में रहने वाला हिंदू भारत को अपना अंतिम आश्रय मानता है। भारत आकर हर हिंदू स्वयं को अपने परिवार में सुरक्षित महसूस करता है। यही भाव परिषद के कार्यों का आधार है।बस्ती दर्शन में सामने आई समस्याएं

पदाधिकारियों ने नरसिंह नगर ओड बस्ती, एकलव्य बस्ती और मूलसागर बस्ती का भ्रमण किया। यहां स्थानीय विस्थापितों ने बताया कि शिक्षा के लिए विद्यालय की कमी है, बिजली-पानी की समस्या गंभीर है और आवास की आवश्यकता लंबे समय से बनी हुई है। रोजगार के स्थाई साधन न होने से जीवनयापन कठिन बना हुआ है। पदाधिकारियों ने समस्याओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

कार्यकर्ताओं संग बैठक और जिम्मेदारियां तयबस्ती भ्रमण के बाद परिषद, आरएसएस और सेवा भारती के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक हुई। इसमें समस्याओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर समाधान के लिए टोली बनाने का निर्णय लिया गया। जिला, राज्य और केंद्र स्तर से संबंधित मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्य होगा। विस्थापित भारतीय कल्याण समिति की जिम्मेदारी संजय दयाल और विनोद डांगरा को सौंपी गई, जो टोली बनाकर कार्ययोजना को क्रियान्वित करेंगे। इस अवसर पर महेंद्र उपाध्याय, महेंद्र राजपुरोहित, अनिल अग्रवाल, अमृतलाल दैया, ऋषिगिरि गोस्वामी, सौरभ भाटी, मनोहर पुरोहित, कंवराजसिंह राठौड़, दामोदरसिंह, भूपत गिरी और स्वरूप राजपुरोहित समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।