
जैसलमेर. अतिक्रमण ध्वस्त करते हुए।
जैसलमेर. नगर विकास न्यास ने मंगलवार को सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई की। न्यास ने राजस्व ग्राम बड़ाबाग के खसरा संख्या 02/457 और 446, जो न्यास के नाम दर्ज हैं, से अवैध अतिक्रमण हटाकर भूमि पर पुनः अपना कब्जा किया। यह कार्रवाई रामगढ़ रोड स्थित न्यास की बेशकीमती भूमि पर हुई।
न्यास सचिव सुखाराम पिण्डेल के नेतृत्व में तहसीलदार, पटवारी, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और पुलिस दल की मौजूदगी में अभियान चलाया गया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों की ओर से बनाए गए कच्चे निर्माणाधीन मकान और पक्की दुकानों को हटाया गया।
पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और नियमानुसार संपन्न हुई। सचिव सुखाराम पिण्डेल ने बताया कि न्यास की भूमि आमजन की सार्वजनिक संपत्ति है, जिस पर अवैध कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने और न्यास की संपत्तियों के संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। न्यास का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिससे नियोजित और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित हो सके।
जैसलमेर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 'नशे को ना कहें, सपनों को हां कहें, नशा कोई स्टाइल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें' विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। यह शिविर अमर शहीद सागरमल गोपा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ, जहां विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों और बचाव के बारे में जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर छात्र का संकल्प हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का अधिकार है। उन्होंने बताया कि नशा खुशी का रास्ता नहीं, बल्कि विनाश का मार्ग है। समझदार बच्चे अपने सपनों को चुनते हैं, नशे को नहीं। ललित ने नशे के दुष्प्रभाव, उसकी रोकथाम और कानूनी उपचारों की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने रालसा की ओर से जारी पुस्तिका में उपलब्ध जानकारी भी प्रदान की। ललित ने बताया कि नशा नाश का द्वार है, जिससे बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध होता है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में रालसा के निर्देश पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में ऐसे जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा। इस क्रम में विद्यालयों में 'अदालत वाली दीदी' नाम से शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई हैं, ताकि बालक-बालिकाएं अपनी समस्याओं को सीधे विधिक सेवा प्राधिकरण तक भेज सकें और उनका जल्द निराकरण हो सके।
Updated on:
28 Jul 2026 08:57 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:57 pm
