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जैसलमेर लूटकांड का पुलिस ने किया खुलासा, घर में ही काम करने वाली महिला निकली मास्टरमाइंड, जानें पूरा मामला

जैसलमेर के दासोती पाड़ा में रविवार को दिन दहाड़े घर में घुस कर महिला को बंधक बना कर उसके घर से लाखों के जेवरात व नगदी लूट को अंजाम देने के पीछे आरोपियों की जल्द अमीर बनने की चाहत थी।
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जैसलमेर

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kamlesh sharma

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Updated: 13 Apr 2026, 8:16 PM IST

फोटो पत्रिका नेटवर्क

जैसलमेर। जैसलमेर के दासोती पाड़ा में रविवार को दिन दहाड़े घर में घुस कर महिला को बंधक बना कर उसके घर से लाखों के जेवरात व नगदी लूट को अंजाम देने के पीछे आरोपियों की जल्द अमीर बनने की चाहत थी। इस वारदात के मास्टरमाइंड उसी घर में घरेलू काम करने वाली महिला मीनू और उसका साथी दीपक था। दीपक ने इस काम को करने के लिए 3 और साथियों को बाहर से बुलाया।

दीपक और मीनू दोनों को पीडि़ता दमयंती भाटिया जानती थी इसलिए बाहरी लोगों की मदद ली गई और उन्हें ही लूट के लिए भेजा गया। इन सब तथ्यों का खुलासा जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी दो अलग-अलग बसों में बैठ कर रामदेवरा की ओर रवाना हुए।

रास्ते में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने घर से करीब 50 तोला सोने के आभूषण, चांदी के आभूषण और एक-डेढ़ लाख रुपए की नगदी पर हाथ साफ किया। पुलिस ने सारा माल बरामद कर लिया है और इस मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक संदिग्ध महिला से पूछताछ जारी है।

कई वर्षों से घर में कर रही थी काम

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी मीनू उर्फ बिनाली इस घर में पिछले 5-6 साल से काम कर रही है इसलिए उसे हर बात के बारे में पता था। वह जानती थी कि घर में कौन-कौन रहते हैं और वे कब दुकान से आते हैं। वह और दीपक पुत्र रामपत डुलगज निवासी मुम्बई हाल जैसलमेर इसी मोहल्ले में थोड़ी दूरी पर रहते हैं, लिहाजा उन्हें गलियों व अन्य रास्तों की भी पूरी जानकारी थी।

दोनों ने योजना बनाई और दीपक ने 3 जनों को बाहर से बुलाया। शिवहरे ने बताया कि आरोपी कुछ दिन पहले इस घटना को अंजाम देने वाले थे लेकिन उस दिन मकान मालिक के रिश्तेदार आए होने से वे ऐसा नहीं कर सके। मीनू के पति का निधन हो चुका है और वह 8-9 साल से दीपक के साथ रह रही है। दीपक यहां पार्टटाइम गाड़ी चलाता था।

टीम वर्क को दिया श्रेय

पुलिस अधीक्षक ने महज 3 घंटों की अवधि में घर में घुस कर लूट किए जाने की इस घटना के सभी आरोपियों की दस्तयाबी और माल बरामद किए जाने के लिए पुलिस के टीमवर्क को श्रेय दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंवतदान और उपअधीक्षक रूपसिंह इंदा सहित पुलिस टीम में शहर कोतवाल सुरजाराम सहायक उप निरीक्षक धनाराम, राजेन्द्र प्रसाद और राजकुमार, कांस्टेबल धारासिंह, मामराज, जुगताराम, प्रेमसिंह, राजकुमार, पोकरण थानाधिकारी भारत रावत, सहायक उप निरीक्षक मोहन, कांस्टेबल लोकश व हमीरसिंह, लाठी थानाधिकारी नाथुसिंह, सहायक उप निरीक्षक ईशराराम, कांस्टेबल भींयाराम, पुलिस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक रतनसिंह व हेड कांस्टेबल हदाराम, डीएसटी प्रभारी भीमरावसिंह, कांस्टेबल हजारसिंह, लीलगिरी, जगदीश, रमेश शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सराहनीय भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने के लिए लिखा जाएगा।