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जुगाड़ से दौड़ते ट्रैक्टर : सैकड़ों किमी का सफर तय कर रहे जुगाड़ वाहन, रास्ते में नहीं कोई रोक-टोक

पोकरण क्षेत्र के रामदेवरा गांव में स्थित बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो चुकी है।

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पोकरण क्षेत्र के रामदेवरा गांव में स्थित बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो चुकी है। इन दिनों ट्रैक्टरों में जुगाड़ बनाकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। इन ट्रैक्टरों में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं के साथ 25 से 30 श्रद्धालु सवार होते है। साथ ही ये ट्रैक्ट यातायात नियमों की भी अवहेलना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों से ये श्रद्धालु 600 से 700 किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचते है, लेकिन राज्यों के साथ विभिन्न जिलों की सीमाओं से गुजरने के दौरान न तो कोई इन्हें टोकने की जहमत उठाते है, न ही कोई चालान किया जाता है। नियमों से बेपरवाह ऐसे ट्रैक्टर, मालवाहक वाहनों के साथ जुगाड़ में श्रद्धालु बेखौफ होकर यहां पहुंच रहे है। कोई कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले भी बुलंद हो रहे है। साथ ही हादसे की भी आशंका बढ़ रही है।

नहीं है यातायात परमिट

बाबा रामदेव का भादवा मेला विधिवत रूप से 25 अगस्त को शुरू होगा। इससे पूर्व श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो चुकी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पोकरण होकर रामदेवरा पहुंच रहे है। इस दौरान यातायात नियमों का कहीं पर भी पालन होते दिखाई नहीं दे रहा है। इसी के चलते जिस व्यक्ति को जो मन में आया, वह उसी वाहन से बाबा की यात्रा के लिए निकल पड़ता है। मेले के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले जुगाड़ व ट्रैक्टर बड़ी संख्या में मेले के दौरान सवारियों से भरकर आते है। जिनके कई बार दुर्घटनाग्रस्त होने के बावजूद इन पर किसी भी तरह की रोक लगाने के लिए यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से कवायद नहीं की जाती है।

मानो कोई यात्री बस हो

गुजरात व मध्यप्रदेश से राजस्थान में प्रवेश करने के बाद भी करीब एक दर्जन जिलों की सीमाओं को पार कर ये श्रद्धालु यहां पहुंचते है। ट्रैक्टर ट्रॉलियों को तिरपाल लगाकर ढक दिया जाता है। इसके बाद बीच में लकड़ी के पाटिये लगाकर उसे डबल मंजिल बनाया जाता है। उसमें ऊपर-नीचे 25 से 30 सवारियां भरी जाती है, जैसे कोई बस हो।

नहीं होती कोई कार्रवाई

रामदेवरा में प्रतिवर्ष इस तरह के ट्रैक्टर, जुगाड़, लोडिंग टैक्सियां, माल वाहक छोटी बड़ी ट्रकें यात्रियों को भरकर लाती है। कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से लोगों की जानें भी जा चुकी है।