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ये कैसा आदेश…भक्तों को भगवान से ही किया जा रहा दूर…!

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lock on temple door in Pokaran, jaisalmer

lock on temple door in Pokaran, jaisalmer

पोकरण/ जैसलमेर। पोकरण जन जन की आस्था के प्रतीक बाबा रामदेव का ***** मेला लगातार परवान पर चढ़ता जा रहा है। देश के कोने कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेव के दर्शन करने के लिए रूणिचा धाम पहुचते हैं। वहीं रूणिचा धाम दर्शन को आने वाले श्रद्धालु पोकरण स्थित बाबा के गुरु बालीनाथ जी के धूणे पर दर्शन करने के लिए जरूर पहुंचते हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा के गुरु के दर्शनों का लाभ लेते हैं, लेकिन गुरुवार को बालीनाथ जी के आश्रम पर एक अजीबो गरीब आदेश के बाद मंदिर के पुजारी व श्रद्धालु सकते में आ गए हैं।

मंदिर पर पोस्टर किया चस्पा, लिखा यहु धुणा कुर्क है
मंदिर के मुख्य द्वार पर एक सफेद कागज के टुकड़े पर यह लिखा गया है कि यह धुणा कुर्क है। साथ ही मंदिर को ताला लगा दिया गया है। साथ ही पेपर के टुकड़े के टुकड़े पर यह धुणा कुर्क के बाद संपर्क के लिए 9828819257 नम्बर दिए गए हैं। ये नम्बर पोकरण उपखंड अधिकारी के बताए जा रहे हैं।


श्रद्धालु हुए परेशान
वहीं सुबह से मंदिर पर ताला लटकने के कारण बाबा के गुरु के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालु परेशान होते नजर आ रहे हैं। ऐसे आदेश से श्रद्धालुओं की आस्था व भावनाओं के साथ खिलवाड़ होता नजर आ रहा है। उधर, गुरु के दर्शनों के लिए आये श्रद्धालु ने मीडिया कर्मियों को बताया कि वह बहुत दूर से आया है व मंदिर पर ताला लगा होने के कारण उसको दर्शनों का लाभ नहीं मिला पाया है, जिससे वह बहुत उदास व दुखी हुआ है। उसकी आस्था को भी बहुत गहरा आघात लगा है।


महंत ने की प्रेस वार्ता, कहा मंदिर हमारी निजी संपत्ति
वहीं मंदिर के महंत ने एक प्रेस वार्ता कर बताया कि यह हमारी निजी संपत्ति है। इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है। ना ही कोई विवाद हुआ है। हजारों सालों से हम व हमारे पूर्वज पूजा कर रहे हैं। sdm साहब यहां पहुंचे व पर्ची लगवाकर चले गए हैं। ना तो कोई मुकदमे दर्ज हुए, न ही कोई विवाद, न ही कोई नोटिस, न ही कोई लिखित में आदेश। ऐसे में उनकी द्वेषता नजर आ रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि पर्ची के नीचे sdm साहेब के नम्बर लिखे हुए हैं। ये कैसा आदेश है। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। महंत ने कहा समझ में आना तो बाद की बात है, श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं। ये चिंता का विषय है।