
तो क्या यहाँ भी हो सकता है अमृतसर जैसा हादसा? सुरक्षा के लिए होनी चाहिए यह व्यवस्था
पोकरण/ रामदेवरा/ लाठी.जैसलमेर व पोकरण के ग्रामीण क्षेत्रों से सुरक्षा व हादसों को रोकने के लिहाज से प्रबंध हैं, वहीं अधिकांश गैर आबाद व छितराई बस्तियों से दूर रहने के कारण यहां के बाशिंदे काफी महफूज है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि सरहदी जैसलमेर जिले का विशाल भौगोलिक क्षेत्र और महज 17 व्यक्ति प्रति घनत्व जनसंख्या घनत्व भी हादसों से यहां के बाशिंदों की सुरक्षा में सहायक बन रहा है। हालांकि इस बीच हकीकत यह भी है कि बारिश के दिनों में पटरियों के पास उगने वाली घास के कारण आने वाले पशु और मृत पशुओं को आहार के रूप में लेने आने वाले पक्षी कई बार रेल या माल गाडिय़ों की चपेट में आकर काल का ग्रास बन जात हैं।
पोकरण उपखण्ड क्षेत्र के जोधपुर-जैसलमेर व जोधपुर-पोकरण रेलवे ट्रेक पर 12 रेलवे क्रोसिंग है। उन सभी रेलवे क्रोसिंग पर लोगों की सुरक्षा व दुर्घटना को रोकने के लिए बेरियर गेट लगे हुए है, जिन्हें रेल आने के दौरान बंद कर दिया जाता हैै तथा रेल गुजरने के बाद इन्हें खोल दिया जाता है। जिससे यहां दुर्घटना की कोई आशंका नहीं रहती है।
...इसलिए सुरक्षित है हम
-उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से जोधपुर-जैसलमेर व जोधपुर-पोकरण मार्ग पर रेलवे ट्रेक लगे हुए है।
-जोधपुर से जैसलमेर सीधा ट्रेेक बना हुआ है। जिस पर लम्बी दूरी की गाडिय़ां व मालगाडिय़ां संचालित होती है। -एक ट्रेक जोधपुर-पोकरण वाया गोमट तथा पोकरण-जैसलमेर वाया गोमट बना हुआ है।
-इस पर दिल्ली-जैसलमेर इंटरसिटी एक्सप्रेस व साधारण सवारी गाडिय़ां पोकरण रेलवे स्टेशन होकर संचालित होती है।
-इन दोनोंं रेलवे ट्रेकों पर पोकरण उपखण्ड क्षेत्र के रामदेवरा से लाठी तक करीब 60 किमी ट्रेक पर जहां भी पटरियों के इस पार से उस पार गांव अथवा आबादी निवास करती है।
-उन गांवों के पास रेलवे क्रोसिंग पर कहीं बेरियर गेट, तो कहीं अंडरब्रिज बने हुए है, ताकि लोग बिना किसी खतरे के रेलवे पटरियों को पार कर सके।
यहां बेरियर गेट व अंडरब्रिज
जोधपुर-जैसलमेर रेलवे ट्रेक पर फलोदी से रामदेवरा की तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या - 11 पर सरणायत के पास, रामदेवरा में विरमदेवरा-एकां रोड, रामदेवरा से पोकरण तक गोमट में एक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो, सैन्य क्षेत्र में दो, पोकरण से जैसलमेर ट्रेक पर सेलवी, ओढाणिया, धोलिया, केरालिया, सोढाकोर के पास रेलवे ट्रेक पर एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए सड़क मार्ग पर क्रोसिंग बने हुए है। इन सभी रेलवे क्रोसिंग पर बेरियर फाटक बने हुए है। इसके अलावा रामदेवरा-पोकरण ट्रेक पर रामदेवरा गांव में दो, केन्द्रीय विद्यालय के सामने एक अंडरब्रिज बना हुआ है, ताकि लोग रेलवे पटरियों के इस पार से उस पार आसानी से बिना किसी खतरे से आवागमन कर सके।
और यहां अंडरब्रिज की दरकार
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 पर तीन बड़े ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है।
-इन ओवरब्रिज का निर्माण सरणायत फाटक, गोमट गांव के पास व सेलवी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रेलवे क्रोसिंग पर करवाया जा रहा है।
-इनका कार्य प्रगति पर है तथा इन ओवरब्रिज का निर्माण पूर्ण होने पर रेलवे क्रोसिंग भी बंद हो जाएंगे और ऊपर वाहनों का व नीचे से रेलों का संचालन होगा।
-राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित ऐसे गांव, जिन गांवों से रेलवे लाइन निकल रही है, उन गांवों के ग्रामीणों की ओर से अंडरब्रिज निर्माण की भी मांग की जा रही है।
-लाठी, केरालिया, लोहटा, रतन की बस्सी, खेतोलाई, चांदनी के ग्रामीणों की ओर से रेलवे ट्रेक के नीचे अंडरब्रिज निर्माण की मांग की जा रही है।
-अंडरब्रिज बनने से रेलवे ट्रेक के दोनोंं तरफ बसे गांवों के ग्रामीणों व पशुधन को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी ।
Updated on:
21 Oct 2018 01:22 pm
Published on:
21 Oct 2018 01:22 pm
