
विशाल जिले में मिट्टी की सेहत जांच की केवल एक प्रयोगशाला
जैसलमेर. मरुस्थलीय जैसलमेर जिले के किसानों में रुझान लगातार कम हो रही है। अच्छी उपज के लिए खेत की मिट्टी की सेहत का बेहतर रहना अनिवार्य शर्त होती है। देश भर में सरकार ने इसके लिए प्रयोगशालाएं स्थापित की है, लेकिन 38 हजार वर्ग किलोमीटर से ज्यादा विशाल क्षेत्रफल में फैले जैसलमेर जिले में एकमात्र प्रयोगशाला के भरोसे मिट्टी की सेहत है। मृदा परीक्षण की योजना में किसानों की भागीदारी में गिरावट का दौर बताता है कि जांच की सुविधा में कमी से यह अहम योजना जिले के किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं रह गई है।
दो लाख से ज्यादा किसान
विशाल क्षेत्रफल में फैले जिले में मिट्टी के परीक्षण के लिए महज एक ही प्रयोगशाला होने से किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 2 लाख से भी अधिक किसान हैं लेकिन जिला मुख्यालय पर महज एक ही मृदा परीक्ष् ाण प्रयोगशाला है। ऐसे में दूर-दराज के गांवों के किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच नहीं करा पाते हैं। कायदे से विशालकाय जिले में प्रत्येक राजस्व और उपनिवेशन तहसील स्तर पर मृदा परीक्षण की सहूलियत दी जानी चाहिए लेकिन सरकार ने इसे उपखंडस्तर पर भी नहीं रखा।
घट रहा आंकड़ा
जैसलमेर स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में इस वित्त वर्ष में अब तक 18 हजार 333 मिट्टी के नमूनों का संग्रहण किया गया है। जबकि लक्ष्य 19 हजार 338 नमूनों का ही दिया गया है। उधर, पिछले वर्ष करीब 20 हजार सैंपल इक_े किए गए। इससे पहले मार्च 2017 में यह आंकड़ा करीब 43 हजार का था। सरकारी आंकड़ों से ही साफ है कि मृदा परीक्षण के प्रति किसानों का रुझान बढऩे की बजाय कम हो रहा है। यह भी गौरतलब है कि एकमात्र प्रयोगशाला में महज चार कार्मिक ही कार्यरत हैं। जिले में इस वर्ष अब तक 8,600 प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए है। जबकि 8487 कार्ड विश्लेषित है। प्रयोगशाला में मिटटी के अलावा पानी की भी जांच की जाती है। पानी की जांच के लिए यहाँ अलग से उपकरण हैं। जिले में इस वर्ष अब तक अलग अलग जगहों से पानी के 335 नमूने एकत्रित किए गए हैं।
फैक्ट फाइल
-01 जैसलमेर में ही मृदा परीक्षण की सुविधा
-02 साल में आधे से भी कम हो गया नमूनों का संग्रहण
-8600 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित
लक्ष्य हासिल करने का प्रयास
लक्ष्य के अनुसार मृदा परीक्ष् ाण का कार्य जारी है। इस महत्वांकाक्षी योजना के लिए ग्रामीण क्षेत्रों तक शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करेंगे।
- डीके मीणा, कृषि अनुसंधान अधिकारी, जैसलमेर
Published on:
30 Aug 2018 08:12 am
