
छत्रैल में ग्राम्य महिलाओं के हस्तशिल्प हुनर का अवलोकन
जैसलमेर. महिला सशक्तिकरण गतिविधियों को सुदृढ़ स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से ग्राम्य महिलाओं के बहुविध हस्तशिल्प हुनर को प्रोत्साहित करने तथा महिला हस्तशिल्पियों के उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिये बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति दी जाएगी। यह बात महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक अशोक कुमार गोयल ने मंगलवार को जैसलमेर जिले के उत्तरी छत्रेल में राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्राम्य महिलाओं के उत्पादों की प्रदर्शनी एवं हस्तशिल्प सृजन कार्य का अवलोकन करते हुए कही। उन्होंने ग्राम्य महिलाओं से कहा कि वे घर.परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ ही स्वयं के हुनर को विकसित करेंए आगे लाएं और आत्मनिर्भरता पाएं। इस दौरान गांव की हस्तशिल्पी महिलाओं की ओर से निर्मित कशीदाकारी एवं अन्य कलाओं का महिला अधिकारिता विभागीय दल ने गहन अवलोकन किया। उप निदेशक गोयल के नेतृत्व में आए दल में महिला शक्ति केन्द्र की जिला समन्वयक रीना छंगानी, पीरामल फाउंडेशन से क्षिप्रा सोनी, गांधी फैलोशिपद्ध व प्रियंका कोठारी शामिल रही। महिला अधिकारिता विभाग की साथिन शुभानी ने इन महिलाओं की ओर से उत्पादित कलात्मक सामग्री से परिचित कराया। दल ने इन महिलाओं द्वारा गठित एवं संचालित स्वयं सहायता समूह से उनके कलात्मक हुनर एवं उत्पादों, प्रशिक्षण, आवश्यकताओं, आधुनिकताओं के अनुरूप उत्पादों के सृजन की संभावनाओं आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान ग्राम्य महिलाओं के परिश्रम, कौशल एवं कलात्मक अभिरुचि की तारीफ भी की। दल ने इन महिलाओं के उत्पादों को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचारित करने पर बल दिया। महिला शक्ति केन्द्र की जिला समन्वयक रीना छंगानी ने इन महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि कशीदे व पारंपरिक कलाओं के साथ ही सिलाई कला एवं अन्य कलाओं को अंगीकार करें। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के उत्थान की योजनाओं का लाभ लेनेए खासकर आईएम शक्ति योजना में वित्तीय मदद एवं प्रशिक्षण पाकर रोजगार के अवसरों में अभिवृद्धि करते हुए पारिवारिक खुशहाली के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। इसके लिए इच्छुक महिलाओं को सूचीबद्ध कर लाभान्वित कराने की पहल करने के लिए साथिन को पाबंद किया।
Published on:
17 Mar 2021 02:00 pm
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