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लाखों गैलन व्यर्थ बह रहा पानी,क्यों आए दिन फूट रही पाइप लाइन?जानिए पूरी खबर

फलसूण्ड उपतहसील मुख्यालय से पांच किमी दूर पोकरण रोड पर रावताणी नाडी स्थित है। यहां जमीन के नीचे लगाई गई पाइपलाइन के बार-बार फूटने से लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है।
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लाखों गैलन व्यर्थ बह रहा पानी,क्यों आए दिन फूट रही पाइप लाइन?जानिए पूरी खबर

जैसलमेर/पोकरण. फलसूण्ड उपतहसील मुख्यालय से पांच किमी दूर पोकरण रोड पर रावताणी नाडी स्थित है। यहां जमीन के नीचे लगाई गई पाइपलाइन के बार-बार फूटने से लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है। पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना के जरिए पोकरण सहित क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। इसी योजना के तहत पोकरण से बालोतरा तक वाया फलसूण्ड होते हुए पाइपलाइन लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैै तथा इससे आगे का कार्य जारी है।
क्षारीयता से टूट रही पाइपलाइन
पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई रावताणी नाडी के आसपास रिण क्षेत्र स्थित हैै। यहां जमीन में क्षारीयता अधिक है। पेयजल लिफ्ट परियोजना के तहत यहां लोहे की पाइप लाइन लगाई गई, जिसे जमीन के 10-15 फीट नीचे लगाया गया है। क्षारीयता के कारण लोहे में लंग लग जाता है तथा पाइप लाइन फूट जाती है। बड़ी पाइपलाइन होने के कारण दो-तीन घंटों तक पानी व्यर्थ बहता रहता है, जिससे लाखों गैलन शुद्ध पानी का अपव्यय हो जाता है। फलसूण्ड उप तहसील से पांच किमी तथा पोकरण से 65 किमी दूर रावताणी नाडी के पास आए दिन पाइपलाइन फूट जाती है। पाइपलाइन में पोकरण के बीलिया हेडवक्र्स से जलापूर्ति की जाती है। रावताणी नाडी के आसपास सूनसान जगह होने के कारण पाइपलाइन फूटने की एक घंटे तक जानकारी भी नहीं हो पाती है। जानकारी होने के बाद बीलिया से आपूर्ति बंद की जाती है, लेकिन 65 किमी लम्बी पाइपलाइन में भरा पानी व्यर्थ बहता ही है। इस लम्बी पाइपलाइन में लाखों गैलन पानी होता है, जो व्यर्थ बहता है और नाडी में जमा हो जाता है।
20 दिनों में तीन बार फूटी पाइप लाइन
गत 20 दिनों में यहां तीन बार पाइपलाइन फूट चुकी है। गत पांच मई, 11 मई व 15 मई को तीन बार फूटी पाइपलाइन के कारण यहां लाखों गैलन शुद्ध पानी व्यर्थ बह गया। पाइपलाइन फूटने पर पानी नाडी व आसपास क्षेत्र में जमा हो जाता है। इस दौरान ट्रैक्टर टंकी संचालक यहां पहुंच जाते है तथा मीठा व शुद्ध पानी भरकर महंगे दामों में बेचते है।
ये हो सकता है समाधान
-यदि लिफ्ट परियोजना की ओर से यहां लगाई गई लोहे की पाइपलाइन हटाकर फाइबर की पाइपलाइन लगा दी जाती है, तो उसमें जंग नहीं लगेगा और पाइपलाइन फूटने की समस्या समाप्त हो जाएगी। जिससे लाखों गैलन शुद्ध पानी को बचाया जा सकता है।

करेंगे स्थायी समाधान
गत दिनों भणियाणा से अधिक प्रेशर के साथ पानी छोड़ दिया गया। जिससे पाइपलाइन फूटी थी। भाखरी-संतरा के बीच पाइपलाइन का कार्य चल रहा है, जो पूर्ण होने के बाद पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से होगी तथा पाइपलाइन फूटने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
रविन्द्रपालसिंह, अधिशासी अभियंता पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना