
विधानसभा चुनाव 2018 - पीठासीन एवं प्रथम मतदान अधिकारी अहम धुरी
जैसलमेर. जिला मुख्यालय पर डाइट में पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण हुआ। इस दौरान सामान्य चुनाव पर्यवेक्षक जैसलमेर विधानसभा अमित कुमार घोष ने कहा कि पीठासीन व मतदान अधिकारी चुनाव प्रक्रिया की मुख्य धुरी है।
उन्होंने मतदान दिवस पर विशेष ध्यान रखने की बात कही। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) ओम कसेरा ने चुनाव आयोग के निर्देशों की अक्षरश: पालना कर निष्पक्ष, स्वतंत्र व शांतिपूर्ण चुनाव करने की बात कही। उन्होंनें प्रशिक्षण व डाइट में लगाए डाक मतपत्र काउण्टर के साथ ही भुगतान काउण्टर, उपस्थिति काउण्टर का भी अवलोकन किया। इस दौरान उप निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र कुमार वर्मा, स्वीप के प्रभावी एवं मुख्यकार्यकारी अधिकारी रामेश्वरलाल मीणा, परिवहन प्रकोष्ठ प्रभारी व उपायुक्त उपनिवेशन मोहनदान रतनू, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन चौहान के साथ ही पीठासीन व मतदान अधिकारी उपस्थित थे।
मतदान के लिए वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य : निर्वाचन आयोग ने मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र के साथ 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेज को भी मान्यता दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ओम कसेरा ने बताया कि मतदाता अपना पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों की ओर से कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई व एन.पी.आर की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय के स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, निर्वाचन तंत्र की फोटो मतदाता पर्ची, विधायकों, सांसदों को जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड दिखाने होंगे।
आपराधिक प्रकरण 5 तक प्रकाशित करना अनिवार्य
जैसलमेर . निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी तथा समस्त रिटर्निंग अधिकारियों को प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत यह सूचना 5 दिसम्बर तक अलग-अलग तिथियों में प्रकाशित करवानी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ओम कसेरा ने बताया कि यह सूचना समाचार पत्रों के अलावा राजनीतिक दलों की बेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारियों को प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
28 Nov 2018 05:58 pm
