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Rajasthan: अस्पताल की मोर्चरी से शव ‘गायब’, मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला

पोकरण के राजकीय जिला अस्पताल की मोर्चरी से एक बालक का शव गायब होने से हड़कंप मच गया। बच्चा रामदेवरा में तालाब में डूबा था। शव डीप फ्रीज में मिला, लेकिन फूलने से पहचान मुश्किल हुई।

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Rajasthan Body Missing

अस्पताल के बाहर मौजूद परिजन (पत्रिका फोटो)

पोकरण (जैसलमेर): राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोकरण स्थित राजकीय जिला अस्पताल से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल की मोर्चरी में पुलिस की मौजूदगी में रखवाया गया एक बालक का शव अचानक गायब हो गया, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

परिजनों के भारी हंगामे और रोष के बाद आखिरकार शव मोर्चरी के ही एक डीप फ्रीजर से बरामद हुआ। शव अत्यधिक फूल जाने के कारण शुरुआत में उसकी पहचान करने में भारी दिक्कत आई, लेकिन बाद में परिजनों द्वारा शिनाख्त किए जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।

तालाब में डूबने से हुई थी बालक की मौत

जानकारी के अनुसार, एक दिन पूर्व रामदेवरा के एक तालाब में डूबने से एक मासूम बालक की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद शव को पोकरण के राजकीय जिला अस्पताल लाया गया।

परिजनों के दूर होने और रात अधिक हो जाने के कारण शव को पुलिस की मौजूदगी में सुरक्षित तरीके से अस्पताल की मोर्चरी के डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया था।

सुबह मोर्चरी से शव गायब होने पर मचा हड़कंप

रविवार सुबह जब मृतक के परिजन और रिश्तेदार पोस्टमॉर्टम और शव लेने के लिए मोर्चरी पहुंचे, तो वहां से शव नदारद मिला। यह देखते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा और रोष प्रकट करना शुरू कर दिया।

अस्पताल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

घटना की सूचना मिलते ही रामदेवरा थाने से एएसआई रोहित पालीवाल मय जाब्ता तुरंत जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। पुलिस और परिजनों के भारी दबाव के बीच जब मोर्चरी की सघन तलाशी ली गई, तो शव वहीं एक डीप फ्रीजर में दबा हुआ मिला। दरअसल, शव पूरी तरह फूल चुका था, जिसके कारण पहली नजर में उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी और ऐसा लगा कि शव गायब हो गया है।

परिजनों ने जब ध्यान से देखा तो उन्होंने शव की शिनाख्त की, जिसके बाद मोर्चरी में उपजा तनाव शांत हुआ और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने पोकरण जिला अस्पताल की मोर्चरी की सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।