4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मरु महोत्सव 2019- उंटों ने दिखाए करतब,विविध कार्यक्रम आयोजित

मरु महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को डेडानसर मैदान में उंटों के करतब हुए ।
2 min read
Google source verification
jaisalmer

मरु महोत्सव 2019- उंटों ने दिखाए करतब,विविध कार्यक्रम आयोजित

जैसलमेर. मरु महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को डेडानसर मैदान में उंटों के करतब हुए । सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। डेडानसर मैदान में ऊंट शृंगार प्रतियोगिता, शान-ए-मरुधरा, रस्साकसी प्रतियोगिता भारतीय एवं विदेशी पुरुष एवं महिलाओं के बीच आयोजित हुई, वहीं महिला दंगल, महिलाओं की पणिहारी मटका रेस विदेशी और देसी, केमल पोलो मैच और अन्य साहसिक करतब प्रस्तुत किए। सबसे आकर्षक का कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल द्वारा केमल टेटू शो एवं विश्व
का आठवा अजूबा मांउटेन बैंड की प्रस्तुति दी गई। इसमें रेगिस्तान के जहाज पर विभिन्न साहसिक करतब दिखाए।
सांस्कृतिक सांझ में होगा फैशन शो
दूसरे दिवस शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में सांय 7 बजे सांस्कृतिक सांझ के अवसर पर परम्परागत फैशन शो का आयोजन होगा, वहीं ख्यातनाम कलाकारों द्वारा लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां पेश की जाएगी।

साबरी बंधुओं ने कव्वाली एवं फिल्मी गीत पेश कर किया मोहित
-सांस्कृतिक संध्या में बही लोक संस्कृति की बही रस धाराएं
जैसलमेर. विश्व विख्यात मरु महोत्सव के पहले दिवस शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक सांझ में राजस्थान के साथ ही अन्य प्रांतों के लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेष कर लोक संस्कृति की रसधाराएं बहाई, जिसका दर्शकों ने लुत्फ उठाया। सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत जोधपुर के लोक कलाकार राजेन्द्र परिहार ने मांगलिक वाद्य शहनाई से की। इस सांस्कृतिक सांझ में गुलाबी नगरी के उस्ताद फरीद साबरी एवं उस्ताद अमीन साबरी बंधु ने देशभक्ति गीत ‘देरो हरम का मालिक है’ गीत के साथ ही फिल्म सिर्फ तुम का फिल्मी गीत ‘जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम’ तथा फिल्म हिना में लता मंगेष्कर के साथ गाया गीत ‘ देर ना हो जाये कहीं देर ना हो जाये और परदेश फिल्म का गीत ‘नहीं होना था-नहीं होना था लेकिन हो गया प्यार’ कव्वाली की शानदार प्रस्तुती पेश कर सभी दर्शकों को फिल्मी दुनिया से रु-ब-रु करा दिया। सांझ में मुम्बई के इमरान खान ने वाद्य यंत्रों के साथ ही जुगलबंदी पेश की।
मरु-महोत्सव की सांस्कृतिक सांझ में जैसलमेर रामगढ़ अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार एवं बिजली के नाम से विख्यात उदाराम मेघवाल ने शारीरिक संतुलन बनाकर तराजू में अग्नि के अंगारे डालकर अग्नि नृत्य की इतनी शानदार प्रस्तुति दी कि सभी दर्शक अचंभित हो गए। इसी के साथ गुजराज के बंडू भाई व नन्दू भाई पंवार ने होली के उत्सव पर गाने वाले गुजराती गीतों को पेश किया, वहीं माता की झांकी में मॉं चामुण्डा की साक्षात प्रस्तुति दी। उन्होंने ऊंट की सवारी, रथ यात्रा की भी उत्तम प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक सांझ में कुम्भलगढ़ के लोक कलाकार जीवनदास एवं उनकी पार्टी ने रामसापीर के नाम ‘रूणिचा के राजा अजमलजी रा कंवरा’ गीत पर मंजीरों के साथ शानदार तेरहताली के साथ ही चरी में अग्नि प्रजवल्लित कर चरी नृत्य का प्रस्तुत किया जो दर्षकों को बहुत भाया। इस सांस्कृतिक सांझ में पूरी गुजरात के ख्यातनाम कलाकार अलताफ एवं उनकी टीम ने सिद्धी धमाल पेष कर गुजराती संस्कृति से रूबरू कराया वहीं उन्होंने अपने सिर पर नारियल फोड कर हैरत अंगेज प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। जोधपुर के कालबेलिया ख्यातनाम कलाकार पारसनाथ एवं उनकी टीम ने कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दी।