
जैसलमेर की सोनू खदानों से निकलने वाला लाइम स्टोन
जैसलमेर की सोनू खदानों से निकलने वाला लाइम स्टोन अब रेलवे के जरिए देश के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचकर बड़ी आर्थिक श्रृंखला का हिस्सा बन रहा है। अगस्त में जोधपुर मंडल ने एक महीने में 114 रेक लाइम स्टोन का लदान कर नया रिकॉर्ड बनाया। इनमें 113 रेक सोनू रेलवे साइडिंग से रवाना हुए। इस रिकॉर्ड लदान से रेलवे को 136.7 करोड़ रुपए का राजस्व मिला। मंडल के कुल लाइम स्टोन लदान में सोनू की हिस्सेदारी करीब 99 प्रतिशत रही।
अगस्त में 31 दिनों के दौरान जोधपुर मंडल से 114 रेक लाइम स्टोन रवाना हुए। यानी औसतन हर दिन करीब 3.67 रेक का लदान हुआ। सोनू साइडिंग से 113 रेक रवाना होने के कारण यहां से प्रतिदिन औसतन 3.64 रेक लदान हुआ।
यह आंकड़ा सोनू साइडिंग की भूमिका को स्पष्ट करता है। खदानों के नजदीक रेलवे साइडिंग उपलब्ध होने से लाइम स्टोन को रेक में लादकर लंबी दूरी तक औद्योगिक इकाइयों तक भेजा जा रहा है। जून 2026 में जोधपुर मंडल ने 112 रेक लाइम स्टोन लदान का रिकॉर्ड बनाया था। तब सोनू से 109 और भादवासी से तीन रेक रवाना हुए थे।
अगस्त में सोनू से 113 और भादवासी से एक रेक लदान हुआ। कुल संख्या 114 तक पहुंच गई। इस तरह जून का रिकॉर्ड दो रेक से पीछे छूट गया। खास बात यह है कि अगस्त में अकेले सोनू साइडिंग से हुए 113 रेक का आंकड़ा जून में पूरे मंडल के 112 रेक से भी अधिक रहा।
लाइम स्टोन सीमेंट और स्टील उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है। सोनू की खदानों से निकला खनिज पहले साइडिंग तक पहुंचता है। यहां रेक में लदान के बाद मालगाड़ी इसे देश के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचाती है। इस तरह खदान से साइडिंग, साइडिंग से रेलवे और रेलवे से उद्योग तक एक पूरी आपूर्ति श्रृंखला संचालित होती है। भारी मात्रा में खनिज की लंबी दूरी की ढुलाई में रेलवे की भूमिका इस श्रृंखला को गति देती है।
114 रेक का रिकॉर्ड केवल लदान की संख्या नहीं है। इसके पीछे खदानों से नियमित आपूर्ति, साइडिंग तक परिवहन, रेक की उपलब्धता, समयबद्ध लदान और रेलवे परिचालन के बीच बेहतर समन्वय शामिल है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने उपलब्धि को बेहतर माल लदान योजना, सूक्ष्म परिचालन नियोजन, साइडिंग प्रबंधन, विभागीय समन्वय और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने माल लदान बढ़ाने के प्रयास जारी रखने की बात कही। अगस्त के 114 रेक और 136.7 करोड़ रुपए राजस्व के आंकड़े बताते हैं कि जैसलमेर का खनिज संसाधन अब रेलवे की माल ढुलाई और देश की औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Updated on:
01 Sept 2026 08:56 pm
Published on:
01 Sept 2026 08:56 pm
