
व्याख्याताओं के तबादलों के विरोध में विद्यार्थी सडक़ों पर उतरे,आखिर ऐसा क्यों ? जानिए पूरी खबर
जैसलमेर. जिला मुख्यालय स्थित अमर शहीद सागरमल गोपा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पदस्थापित विज्ञान संकाय के दो व्याख्याताओं का झालावाड़ स्थानांतरण किए जाने के विरोध में संकाय के छात्र-छात्राएं सडक़ पर उतर आए। विद्यार्थियों ने पहले विद्यालय के बाहर सडक़ पर बैठ कर धरना दिया और बाद में वे कलेक्ट्रेट पहुंचे। आरोप है कि निजी कोचिंग संस्थान वालों की शिकायत के आधार पर व्याख्याताओं के खिलाफ कार्रवाई हुर्ई। विरोध बढ़ता देख जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने शिक्षा राज्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थानांतरण तत्काल निरस्त करवाने का आग्रह किया।
विद्यार्थी बोले, हमारे भविष्य से खिलवाड़
इससे पहले सोमवार को जैसे ही विद्यालय खुला, विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को भौतिक शास्त्र के व्याख्याता विक्रमसिंह जंगा और गणित के व्याख्याता सतीशचंद्र चतुर्वेदी का स्थानांतरण यहां से झालावाड़ किए जाने की जानकारी मिलने के बाद उनमें रोष फैल गया। वे शिक्षकों के स्थानांतरण को निरस्त करवाने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। विद्यालय प्रशासन व अन्य शिक्षकों की समझाइश के बावजूद विद्यार्थी शांत नहीं हुए और वे हनुमान चौराहा पर स्थित विद्यालय के बाहर सडक़ पर धरना देकर बैठ गए। जानकारी मिलने पर जिला प्रमुख अंजना मेघवाल भी वहां पहुंच गई। प्रमुख ने दो शिक्षकों को यहां से हटाए जाने की कार्रवाई को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि इससे विज्ञान विषय के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
अभिभावकों में भी रोष
शिक्षकों के तबादले के चलते विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों में भी रोष फैल गया। वे सभी एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा विद्यार्थियों ने कलक्टर कार्यालय की सीढिय़ों पर धरना दे दिया। यहां भी सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों को गलत शिकायत के आधार पर हटाया गया है। यह सब निजी कोचिंग संस्थानों की खुन्नस का परिणाम है। उन्होंने व्याख्याताओं की झूठी षिकायत सरकार से की। जिसके आधार पर सरकार ने एकतरफा कार्रवाई कर दी। बाद में सभी लोग विधायक छोटूसिंह भाटी से मिले। विधायक ने उनका पक्ष् ा सुना और हाथोहाथ शिक्षा राज्यमंत्री को पत्र भेजकर राउमावि जैसलमेर के व्याख्याताओं का स्थानांतरण तुरंत प्रभाव से निरस्त करवाने का अनुरोध किया। विधायक ने पत्र में कहा कि राजकीय विद्यालय में विज्ञान संकाय में 220 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी संस्थानों की ओर से संचालित कोचिंग सेंटरों ने उक्त शिक्षकों की झूठी शिकायत की थी
Updated on:
18 Sept 2018 09:48 am
Published on:
18 Sept 2018 09:48 am
