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शिकार करने से मना करने की रंजिश में किसान को मौत के घाट उतारा

शांत माने जाने वाले जैसलमेर जिले में एक व्यक्ति की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने कुछ दिन पहले अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को वन्यजीवों का शिकार करने से रोका था।

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बाड़मेर. अस्पताल परिसर में मृतक के परिवारजन और अन्य लोग।

शांत माने जाने वाले जैसलमेर जिले में एक व्यक्ति की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने कुछ दिन पहले अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को वन्यजीवों का शिकार करने से रोका था। मामला जिले के सांगड़ थानान्तर्गत आने वाले डांगरी गांव क्षेत्र का है। जहां बीती रात कुछ जनों ने इक्कठे होकर पशुपालक खेतसिंह (50) पुत्र नाथूसिंह निवासी सुमेलनगर, डांगरी पर हमला बोल दिया और उसे गम्भीर हालत में छोडकऱ फरार हो गए। खेतसिंह के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गम्भीर चोटें आई और वह पूरी रात तड़पता रहा। इस दौरान उसके शरीर से काफी मात्रा में खून बह गया। घटना की जानकारी खेतसिंह के परिवारजनों को बुधवार सुबह मिली। वे उसे लेकर बाड़मेर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जानकारी मिलने पर सांगड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। इधर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे मामले की गम्भीरता को देखते हुए घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों को दस्तयाब कर लिया है और घटना में प्रयुक्त वाहन को जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है। इससे पहले बाड़मेर अस्पताल में खेतसिंह की मौत हो जाने पर उसके परिवारजनों की रुलाई फूट गई। बड़ी संख्या में अन्य लोग भी वहां जमा हो गए। उन्होंने शव उठाने से इनकार कर मोर्चरी के बाहर धरना दे दिया। दूसरी तरफ डांगरी गांव में इस घटना को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार वहां एक दुकान को आग लगाई गई है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है।

वारदात को ऐसे दिया अंजाम

मंगलवार रात करीब 10.30 बजे आरोपी आलम खां, लाडू खां और एक अन्य युवक खेतसिंह के खेत पर पहुंचे। खेतसिंह घर के आगे अकेला सो रहा था। आरोपियों ने उसे बंधक बनाया, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और धारदार हथियारों से हमला कर करीब दो से तीन घंटे तक पीटा। इसके बाद आरोपी वाहन में बैठकर भाग निकले। वह रातभर तड़पता रहा। जब सुबह हुई तो लुढक़ते-लुढक़ते खेतसिंह करीब 8 बजे पास के एक बाड़े तक पहुंचा। गंभीर हालत में उसे सांगड़ अस्पताल लेकर गए, जहां बाड़मेर जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

शिकार का विरोध किया तो कर दी हत्या

बताया जाता है कि करीब 15 दिन पहले खेतसिंह ने आरोपियों को जंगल में शिकार करने से रोका था। उस समय आरोपी बंदूक लेकर घूम रहे थे। खेतसिंह ने अपनी बकरियों को खतरे की आशंका जताते हुए उन्हें शिकार से मना किया था। इस पर आरोपियों ने गुस्से में आकर उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

परिजनों और समाज का आक्रोश

हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समाजजन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए। परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाए। सूचना मिलने पर सांगड़ थानाधिकारी मय टीम बाड़मेर अस्पताल पहुंच गई। परिजनों से समझाईश की गई।

जानकारी के अनुसार बाड़मेर जिला अस्पताल में मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने शव उठाने से इंन्कार किया।