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मसूरिया में मूर्तियां खंडित करने को लेकर धरने में ग्रामीणों ने जताया रोष

इससे पहले मसूरिया में बड़ी संख्या में विविध क्षेत्रों के ग्रामीण धरना स्थल पर एकत्रित हुए और इस मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर रोष जताया।

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जैसलमेर जिले के सम थाना क्षेत्र में स्थित मसूरिया गांव में धार्मिक स्थलों की मूर्तियां खंडित करने और उन्हें अपमानित किए जाने के खिलाफ ग्रामीणों की ओर से दिया जा रहा धरना बुधवार को पुलिस की ओर से एक सप्ताह में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद समाप्त किया गया। इससे पहले मसूरिया में बड़ी संख्या में विविध क्षेत्रों के ग्रामीण धरना स्थल पर एकत्रित हुए और इस मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त घटना आपराधिक तत्वों की ओर से क्षेत्र में जन भावनाओं को आहत करने और आपसी सौहार्द को समाप्त करने के इरादे से अंजाम दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता गणपतसिंह सोढ़ा ने बताया कि धरना स्थल पर समझाइश करने के लिए बुधवार को अतिरिक्त कलक्टर, उपखंड अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक आदि पहुंचे और उन्होंने एक सप्ताह में प्रभावी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। जिस पर फिलहाल धरना उठाया गया है।

पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

वहीं धरना स्थल पर ग्रामीण क्षेत्रों के मौजीज व्यक्तियों की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को जिला कलक्टर के नाम पांच सूत्री मांगपत्र भी सौंपा गया है। जिसमें मसूरिया मामले में सभी दोषियों और इस षडय़ंत्र में शामिल लोगों की त्वरित गिरफ्तारी किए जाने, मसूरिया में कुछ महीनें पहले गोवंश की हत्या के मामले की पुन: उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच करवाने, सम थानाधिकारी को यहां से अन्यत्र पद स्थापित करवाने, मसूरिया और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी व वन विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जों व काश्त को हटवाने व मसूरिया तथा सुदूर दक्षिण सीमा क्षेत्र के सभी गांवों में गोचर भूमि का आवंटन करवाए जाने की मांग शामिल है। धरना स्थल पर छुगसिंह सोढ़ा पोछीणा, जेठूसिंह मसूरिया, सूरसिंह म्याजलार, शोभसिंह बईया, स्वरूपसिंह झिनझिनियाली, जनकसिंह सत्तो, एडवोकेट जालमसिंह पोछीणा, तनसिंह सलखा, लखसिंह चांधन, हरिसिंह मिठड़ाऊ, गणपसिंह सोढ़ा आदि उपस्थित थे।