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उजला गांव के उज्जवल ने बढ़ाया जिले का गौरव, उत्तीर्ण की आईएएस की परीक्षा

जिले के ऊजला गांव के युवक ने कड़ी मेहनत व लगन के चलते यूपीएससी की ओर से आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर क्षेत्र का पुन: गौरव बढ़ाया है। हिम्मतसिंह उज्जवल ने यूपीएससी की ओर से आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में देशभर में 634वीं रेंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
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jaisalmer

उजला गांव के उज्जवल ने बढ़ाया जिले का गौरव, उत्तीर्ण की आईएएस की परीक्षा

जैसलमेर/पोकरण. जिले के ऊजला गांव के युवक ने कड़ी मेहनत व लगन के चलते यूपीएससी की ओर से आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर क्षेत्र का पुन: गौरव बढ़ाया है। हिम्मतसिंह उज्जवल ने यूपीएससी की ओर से आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में देशभर में 634वीं रेंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। हिम्मतसिंह के पिता अशोक उज्जवल एक सामाजिक कार्यकर्ता है। उनके दादा शिवराज उज्जवल राजस्व अधिकारी थे तथा बड़े पिता नृसिंहदान व्याख्याता व मंगलदान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद से सेवानिवृत हुए। उनके सिविल सर्विसेज की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर 634वीं रेंक प्राप्त करने पर ऊजला सहित आसपास क्षेत्र में खुशी की लहर छा गई है।
परिवार के बुजुर्गों से मिली प्रेरणा
यूपीएससी की ओर से आयोजित सिविल सेवा की परीक्षा में देशभर में 634वीं रेंंक प्राप्त कर चुके हिम्मतसिंह ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया कि उनके परिवार के बुजुर्ग आईएएस सांवलदान, कैलाशदान, हेतुदान से ही उसे भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा ऊजला गांव के राजकीय विद्यालय से प्राप्त कर सीकर में 11वीं व 12वीं करने के बाद 10 वर्ष पूर्व जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय जेएनयू नई दिल्ली में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने अंग्रेजी के साथ स्पेनिश भाषा में बीए ऑनर्स व एमए करने के बाद अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर प्रोफेसर शरद सोनी के निर्देशन में एम.फिल की पढ़ाई भी की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता, गुरुजनोंं, अपने मामा गणपतदान व जवानदान को देते हुए कहा कि व्यक्ति मेहनत व लगन के साथ किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लग जाता है, तो कोई कार्य कठिन नहीं है।