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आंसू से भीगा लाज का घूंघट,फोटो अश्लील बनाकर सोशल साइट्स पर डालने के अपराध से पर्दा नहीं उठा पा रही जिले की पुलिस,जानिए पूरी खबर

घर में कैद होकर रह गईं निर्दोष -8 परिवारों की महिलाओं व बच्चियों के फोटो अश्लील बनाकर सोशल साइट्स पर डालने का मामला- पुलिस ने फेसबुक कम्पनी को भेजा पत्र -पत्रिका ने उजागर किया था सनसनीखेज मामला
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जैसलमेर. सीमावर्ती जैसलमेर जिले के एक गांव की जिन महिलाओं और बालिकाओं के एडिटेड अश्लील फोटो सोशल साइट्स पर अपलोड किए गए हैं, उनका जीवन पिछले दिनों से घर की चारदीवारी में ही कैद होकर रह गया है। ठेठ ग्रामीण परिवेश का यह महिला वर्ग किसी अज्ञात जने की करतूत से इतनी खौफजदा और शर्मसार हैं कि उन्होंने घर से बाहर ही निकलना बंद कर दिया है। वे शादी-विवाह अथवा अन्य किसी सामाजिक समारोह में शिरकत करना तो दूर बीमार होने पर इलाज करवाने के लिए अस्पताल तक नहीं जाना चाहतीं। एक तरह से सूचना तकनीक के गलत इस्तेमाल से अज्ञात अपराधी के किए की बहुत बड़ी सजा इन निर्दोष महिलाओं और बालिकाओं को झेलनी पड़ रही हैं। उधर, पुलिस ने इस संबंध में फेसबुक को पत्र लिखा है। पुलिस संचार माध्यमों से भी आरोपी की धरपकड़ का प्रयास कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिन्होंने आज तक नहीं खिंचवाई फोटो उनके...
पत्रिका पड़ताल में यह सच समाने आया है कि आधुनिक तकनीक से कतई अनजान इन महिलाओं व बालिकाओं में से अधिकांश ने आज तक सरकारी दस्तावेजों को छोडकऱ किसी केमरामैन से कभी फोटो तक नहीं खिंचवाई। पीडि़त परिवार के सदस्यों ने ‘पत्रिका’ से बातचीत में आशंका जताई कि जिस व्यक्ति ने अश्लील फोटोज पर महिलाओं व बालिकाओं के चेहरे चिपकाकर अपलोड कर वायरल किए हैं, उसने किसी शादी-विवाह के दौरान मोबाइल से किए गए वीडियो रिकॉर्डिंग से स्क्रीन शॉट लेकर उनके चेहरे अलग किए हैं। एडिटेड फोटो से जुड़े इस अपराध की शिकार महिलाओं की उम्र 15 से 45 साल तक बताई जाती हैं। उनमें से अधिकांश ने कभी स्कूल में पढ़ाई नहीं की। जब इन फोटोज के बारे में उन्हें पता चला तो वे बिलखने लग गईं।
पुलिस जांच में तेजी
राजस्थान पत्रिका में सोमवार को इस आशय की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जैसलमेर पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने इस संबंध में परिवाद दर्ज करवाने वाले व्यक्तियों को बुलाकर उनसे आवश्यक जानकारी ली। साथ ही सोशल साइट कम्पनी फेसबुक को पत्र लिख कर उससे उक्त आइपी एडे्रस के बारे में जानकारी चाही गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसे मामलों में कम्पनी के सहयोग बिना कार्रवाई किया जाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि एक लिंक के अलावा संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने का कोई जरिया नहीं होता। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले के एक गांव की महिलाओं और बालिकाओं के एडिटेड अश्लील फोटो सोशल साइट पर अपलोड किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने पर पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं व बालिकाओं के फोटो से चेहरों को कट कर विदेशी महिलाओं के अश्लील फाटो पर चिपका कर उन्हें इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया गया।

...इधर महिलाओं के फोटो पर अभद्र टिप्पणियां करने का मामला दर्ज
इस बीच जैसलमेर जिले के सीमावर्ती रामगढ़ पुलिस थाने में थाना क्षेत्र के एक और गांव की महिलाओं और बालिकाओं के फोटोज पर अभद्र टिप्पणियां किए जाने के संबंध में मामला दर्ज करवाया गया है। थानाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे के अनुसार इस संबंध में एक आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाना क्षेत्र के तहत आने वाले एक गांव की महिलाओं व बालिकाओं के ओरिजिनल फोटो वॉट्सएप पर अपलोड कर उन पर अभद्र टिप्पणियां की गई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

जुटी हुई है पुलिस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस ने फेस बुक को पत्र लिखा है। आरोपी का पता लगाने के लिए पुलिस जुटी हुई है। उम्मीद है कि शीघ्र उसे पकड़ लिया जाएगा।
-जयनारायण मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर