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पंचायत समिति सांकड़ा 44 पंचायतों की 203 गांव की महिलाएं होगी सशक्त

- ताकि महिलाएं बढ सके आगे -स्वरोजगार के साथ नेतृत्व क्षमता का होगा विकास
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पंचायत समिति सांकड़ा 44 पंचायतों की 203 गांव की महिलाएं होगी सशक्त

पोकरण. छोटे से ग्रामीण बैंक के माध्यम से दो करोड़ से ज्यादा लोगों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाकर बांग्लादेश में गरीबों के हितैषी माने जाने वाले नॉबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मोहम्मद युनुस का फार्मूला अब प्रदेश में भी गरीबों व महिलाओं के उत्थान के लिए अपनाया जा रहा है। सरकार की ओर से राजनीति हो या कोई और क्षेत्र, उसमें महिलाओं को आरक्षण तो दे दिया गया है, लेकिन महिलाएं आज भी राष्ट्रविकास की मुख्य धारा में नहीं जुड़ पा रही है। ऐसे में अब यह फार्मूला राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के माध्यम से लागू किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत महिलाओं को सशक्त करने का कार्य किया जा रहा है। जैसलमेर जिले में पंचायत समिति सांकड़ा में यह प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। गत तीन माह से इस प्रोजेक्ट पर ब्लॉक क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।
बनाए जा रहे स्वयं सहायता समूह
योजना के अंतर्गत महिलाओं के समूह तैयार किए जाएंगे। इन समूहों में महिलाएं ही सर्वे-सर्वा होगी। इन महिलाओं की ओर से गांवों में निवास कर रही अन्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा औैर जरुरत पडऩे पर उन्हें ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसके आधार पर महिलाएं अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर जीविकोपार्जन कर सकती है। पंचायत समिति सांकड़ा क्षेत्र में 44 ग्राम पंचायतें है। जिले में सबसे पहले सांकड़ा ब्लॉक में एनआरएलएम योजना शुरू की गई है। जिसका कार्यालय पोकरण में स्थापित किया गया है तथा ऊजला, भीखोड़ाई, फलसूण्ड व सांकड़ा में चार फैडरेशन संचालित होंगे। इन फैडरेशनों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। योजना में 203 गांवों को सम्मिलित कर यहां की महिलाओं के विकास की योजना तैयार की जाएगी।
स्वरोजगार के साथ नेतृत्व क्षमता में विकास का प्रयास
योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिसमें सिलाई, डेयरी, कृषि सहित अन्य उद्योगों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा राजनीति के क्षेत्र में भी महिलाओं को आगे लाने का प्रयास किया जाएगा। महिलाओं को जनसंपर्क करने, भाषण देने, नेतृत्वक्षमता बढाने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा और चुनावों के दौरान सक्रीय रूप से आगे आने तथा क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पूर्व मे चली थी एम-पॉवर योजना
गरीबों के उत्थान को लेकर पूर्व में पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना एम-पॉवर शुरू की गई थी। यह योजना भी प्रोफेसर मोहम्मद युनुस के फार्मूले पर ही लागू की गई थी। गत जून माह में एम-पॉवर का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। ऐसे में जुलाई माह से एनआरएलएम प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
किया जा रहा है कार्य
ग्रामीण क्षेत्रोंं में निवास कर रही महिलाओं के उत्थान के लिए जुलाई माह से एनआरएलएम प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। ब्लॉक क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह बनाने और महिलाओं के उत्थान के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है।
सुजीतकुमार, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर एनआरएलएम, पोकरण।