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न आमदनी हुई दुगुनी और ना मिला उपज का उचित मूल्य,सूना दिखाई दे रहा मंडी परिसर

फसलें खलिहानों से बाजार में पहुंचने लगी है, लेकिन कृषि मंडी में समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
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jaisalmer

न आमदनी हुई दुगुनी और ना मिला उपज का उचित मूल्य,सूना दिखाई दे रहा मंडी परिसर

जैसलमेर/नाचना. सरकार की ओर से किसानों की आमदनी दोगुनी करने व उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाने के दावे किए जा रहे है। जबकि इन्दिरा गांधी नहर नाचना क्षेत्र के किसानों के सामने ये सभी दावे खोखले साबित हो रहे है। गौरतलब है कि इन्दिरा गांधी नहर क्षेत्र में हजारों की संख्या में किसानों की ओर से लाखों एकड़ भूमि पर नहर से सिंचाई कर चने, गेहूं, ईसब, जीरा, सरसों की फसलों की बुआई की जाती है। इस वर्ष भी क्षेत्र में लाखों बोरी फसल की उपज हुई है। जिन्हें समर्थन मूल्य पर विक्रय करने के लिए नाचना गांव में पोकरण रोड पर कृषि मंडी भी स्थित है। फसलें खलिहानों से बाजार में पहुंचने लगी है, लेकिन कृषि मंडी में समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
कम दामों में व्यापारियों को फसल बेचने को हो रहे है मजबूर
इन्दिरा गांधी नहर नाचना क्षेत्र के 100 से अधिक गांव व नहरी चकों में निवास कर रहे किसानों की आय का मुख्य स्त्रोत कृषि एवं पशुपालन है। उनकी ओर से इन्दिरा गांधी नहर से सिंचाई कर फसल का उत्पादन किया जाता है। करीब एक माह पूर्व किसानों ने अपनी उपज को एकत्र कर लिया हैै, लेकिन सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद केन्द्र नहीं खोला गया है। ऐसे में किसानों को अपना कर्जा व लेनदेन चुकाने के लिए सस्ती दरों पर फसल व्यापारियों को बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से समर्थन मूल्य की घोषणा के बाद किसानों की ओर से ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से 13 मार्च से कुछ दिन तक टोकन भी लिए गए। उसके बाद टोकन वितरण का कार्य भी बंद कर दिया गया। किसानों के अनुसार कुछ दिन तक टोकन भी काटे गए, लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्य कब शुरू होगा इसकी तिथि भी नहीं बताई गई है। जिन किसानों ने चने व सरसों के टोकन कटवा रखे है, वे भी खरीद केन्द्र शुरू होने का इंतजार करते-करते थक चुके है तथा अब आर्थिक तंगी के चलते लोगों की लेनदारियां चुकाने व आवश्यक वस्तुओं की खरीद का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। हालांकि कृषि उपज गौण मंडी नाचना परिसर में राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने के लिए नए बारदाने पहुंच चुके है, लेकिन अब तक फसल की खरीद शुरू नहीं की गई है।
400 से 800 रुपए कम में खरीद रहे है व्यापारी
क्षेत्र के किसानों के अनुसार इन्दिरा गांधी नहर क्षेत्र में सर्वाधिक उपज चने व सरसों की होती है तथा यही फसलें राजफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीदी जाती है। राजफेड की ओर से चना 4620 रुपए प्रतिक्विंटल व सरसों 4200 रुपए प्रतिक्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित की गई है। जबकि बाजार में चना 4200 रुपए व सरसों 3400 रुपए प्रतिक्विंटल खरीदी जा रही है। समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र शुरू नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है।