
आज का दौर ज्ञान और नई-नई तकनीकी के विकास और उसे अपनाने का है। मौजूदा समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का असर हर कहीं देखने को मिल रहा है। एक तरफ युवा क्लासिक साहित्य से लेकर दर्शनशास्त्र, कविता-शायरी आदि की पुस्तकों से दूर होता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर कॅरियर निर्माण के लिए वह गाइड बुक्स से लेकर अन्य सामग्री में खुद को झोंक भी रहा है। युवाओं में ई-बुक्स, ऑडियो बुक्स और ऐप्स से पढ़ाई करने का चाव निरंतर बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इस बार विश्व पुस्तक दिवस की थीम च्अपने तरीके से पढ़ेंज् रखी गई है। जैसलमेर के सबसे व्यस्त हनुमान चौराहा पर अवस्थित जिला पुस्तकालय में प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में युवा अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं। यहां अलमारियों में करीने से रखी हजारों साहित्य, इतिहास, समाजशास्त्र, दर्शन आदि की पुस्तकें है। युवा कॅरियर में काम आने वाली गाइड बुक्स, समाचार पत्रों व मैगजीन से लेकर अन्य सामग्री का अध्ययन करते नजर आते हैं। इसके अलावा इंटरनेट का इस्तेमाल कर अपने मोबाइल फोन या टेबलेट आदि पर नौकरी का सपना साकार करने की अध्ययन सामग्री को टटोलते दिखते हैं।
-जिला पुस्तकालय में युवक-युवतियां नियमित तौर पर अपनी जरूरत का अध्ययन करने पहुंचते हैं। पुस्तकालय के कनिष्ठ सहायक हजाराराम परिहार ने बताया कि लडक़ों के साथ लड़कियों की भी अच्छी आमद रहती है।
युवाओं को पुस्तकों से दोस्ती करने की जरूरत है। पुस्तकें हर किसी के लिए अनमोल साथी होती हैं। इन्हीं से जीवन में आगे बढऩे का रास्ता मिलता है। पुस्तकें व्यक्ति के चारित्रिक विकास का सर्वोत्तम साधन है।
पुस्तकों के अध्ययन से जीवन मूल्यों का सहज रूप में विकास होता है। कॅरियर निर्माण के लिए प्रयासरत युवाओं को भी पुस्तकों से ही विषय का गहराई से ज्ञान प्राप्त हो सकता है। किसी भी स्तर के विद्यार्थी को स्क्रीन टाइम कम कर कागज पर मुद्रित पुस्तकों के अध्ययन का समय बढ़ाना चाहिए।
Published on:
22 Apr 2025 11:22 pm
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