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CBC जालोर में फर्जी स्क्रीनिंग मामले में दस्तावेज जुटाने पहुंची ACB सिरोही की टीम

तत्कालीन एमडी केके मीणा ने 2021 से 2023 के कार्यकाल में सहकारी समितियों के 100 से अधिक कार्मिकों की स्क्रीनिंग करके नियमितीकरण कर दिया था, जबकि इस पर हाईकोर्ट की रोक थी।

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पत्रिका फोटो

राजस्थान के जालोर सेंट्रल कॉऑपरेटिव में विभिन्न नियुक्तियों में की गई गड़बड़ी के मामले में जांच के साथ दस्तावेज जुटाने के लिए एसीबी सिरोही की टीम जालोर पहुंची। टीम ने यहां कार्यालय पहुंचकर महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए। एसीबी सिरोही एएसपी रामेश्वरलाल ने बताया कि मामले से जुड़े अहम दस्तावेज कार्यालय से जुटाने थे, इसी सिलसिले में टीम पहुंची थी।

बता दें 16 अप्रेल 2024 को तीन जिलों की टीम ने जयपुर में दबिश दी थी। जालोर सीसीबी के तत्कालीन एमडी केके मीणा पर नियुक्तियों में गड़बड़ी के नाम पर 40 लाख रुपए से अधिक की अवैध वसूली के आरोप थे। इस मामले में 16 अप्रेल को एसीबी टीम के सर्च अभियान में जालोर में रामदेव कॉलोनी में तत्कालीन सीनियर मैनेजर जसाराम मीणा व उसके पुत्र प्रवीण मीणा के यहां पर भी पड़ताल की गई थी। बता दें 12 अप्रेल 2024 को एसीबी को गोपनीय शिकायत मिली, जिसकी पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया था।

ये थे आरोप, जो एसीबी की कार्रवाई के आधार बने

तत्कालीन एमडी केके मीणा ने 2021 से 2023 के कार्यकाल में सहकारी समितियों के 100 से अधिक कार्मिकों की स्क्रीनिंग करके नियमितीकरण कर दिया था, जबकि इस पर हाईकोर्ट की रोक थी। आरोप था कि इनमें से 80 से अधिक कार्मिक अपात्र थे। एसीबी के पास शिकायत थी कि 100 व्यवस्थापकों के नियमितीकरण के नाम पर लाखों रुपए की रिश्वत की राशि ली गई। इसका ऑनलाइन ट्रांजेक्शन खातों में पाया गया।

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इस तरह से हुआ था ट्रांजेक्शन

जसाराम के जालोर सीसीबी की सायंकालीन शाखा के खाते में 35 बार में 23 लाख रुपए से अधिक, वहीं जालोर मुख्य शाखा में 3 बार में 2 लाख 60 हजार रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। इसी तरह उसके बेटे प्रवीण की सीसीबी सायंकालीन शाखा के खाते से 12 बार में 13 लाख 79 हजार रुपए अलग अलग खातों में जमा किए गए।

सीबीबी में स्क्रीनिंग में जो प्रक्रिया अपनाई गई, उससे जुड़े डोक्यूमेंट और पत्रावलियां प्राप्त करने के लिए टीम पहुंची। वर्तमान में जो अधिकारी है, उनसे मिलकर वांछित दस्तावेज जुटाने की कार्रवाई की गई। जिससे अग्रिम अनुसंधान त्वरित गति से किया जा सके।
रामेश्वरलाल, एएसपी, एसीबी सिरोही

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