
Krishi vigyan kendra Keshwana
जालोर. जिले में किसानों की खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए केशवना के कृषि वैज्ञानिकों की ओर से केंद्र में उन्नत किस्मों के बीज तैयार किए गए हैं। इन बीजों की बुवाई करने से किसानों की पैदावार में काफी बढ़ोतरी होगी। जानकारी के अनुसार कृषि अनुसंधान केंद्र व कृषि विज्ञान केंद्र केशवाना में वैज्ञानिकों की ओर से किसानों की खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यहां की जलवायु व मृदा की स्थिति को देखते हुए विभिन्न उन्नत किस्में तैयार की गई हैं। क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. एसडी रतनू ने बताया कि केंद्र में वैज्ञानिकों की देखरेख में मूंग की उन्नत किस्म जीएम-4, जीएएम-5, आईपीएम-02-3, एमएच-421, मोठ की उन्नत किस्म आरएमओ-435, बाजरे की उन्नत किस्म एमपीएमएच-17, ग्वार की उन्नत किस्म आरजीसी-1017 तथा तिल की उन्नत किस्म आरटी-351 समेत कई किस्में तैयार की गई हैं। किसान चाहे तो ये उन्नत किस्म के बीज केंद्र से उचित दाम पर ले जा सकेंगे।
वैज्ञानिकों का दावा...
केशवना स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि वैज्ञानिकों की ओर से तैयार किए गए खरीफ फसलों के उन्नत बीज किसानों के लिए काफी कारगर साबित होंगे। केंद्र के वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर किसान इन बीजों की बुवाई करते हैं तो उन्हें इससे अच्छी पैदावार मिलेगी। साथ ही साथ वे पहले से ज्यादा मुनाफा भी कमा सकेंगे।
पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर मिलेंगे
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि उनकी ओर से तैयार किए गए मूंग के बीज 90 रुपए, मोठ के 70, बाजरे के 150, ग्वार के 70 व तिल के उन्नत किस्म के बीज 200 रुपए प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध रहेंगे। इन खरीफ की उन्नत किस्मों के बीज केंद्र से किसानों को पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर दिए जाएंगे।
इनका कहना है...
कृषि अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों की ओर से यहां की जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर खरीफ फसलों के उन्नत बीज तैयार किए गए हैं। इन बीजों की बुवाई से किसानों को पहले से ज्यादा पैदावार मिलने के साथ मुनाफा भी अधिक मिलेगा। केंद्र में ये बीज सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। किसानों को ये बीच पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर दिए जाएंगे।
- डॉ. एसडी रतनू, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि अनुसंधान केंद्र, केशवना
Published on:
11 Jun 2018 09:50 am
