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कलक्ट्रेट पहुंची कॉलेज की समस्या, लिखित आश्वासन के बाद तोड़ा अनशन

जालोर कॉलेज : विभिन्न समस्याओं को लेकर जारी अनशन समाप्त
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NSUI Hunger strike

After the written assurance NSUI broke Hunger strike

जालोर. जिला कलक्ट्रेट के बाहर वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एनएसयूआई की ओर से दिया जा रहा धरना व अनशन सोमवार को पांचवें दिन खत्म हुआ। अनशन पर बैठे दो जनों ने महाविद्यालय प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद अनशन तोड़ा।
कलक्ट्रेट के बाहर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की ओर से पांच दिन से अनशन कर धरना दिया जा रहा था। महाविद्यालय में छात्रावास को शुरू करने, हिन्दी का व्याख्याता लगाने, पुलिस व्यवस्था करने व व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर अनशन किया जा रहा था। यहां धीरज गुर्जर व दीपककुमार अनशन पर थे। चिकित्सक जांच के दौरान अनशनकारियों की तबीयत कमजोर होने के कारण अस्पताल में भर्ती करवाने की सलाह दी गई थी। इधर मांगे पूरी नहीं होने पर सोमवार से एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास मांजू, जिला सचिव प्रवीण लूकड़, प्रकाश बागली व किशन राणा ने अनशन पर रहने का एलान किया था।
शाम को उपखंड अधिकारी राजेंद्रसिंह सिसोसिया की मध्यस्थता में कॉलेज प्रशासन व एनएसयूआई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की वार्ता हुई। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह, महिला जिलाध्यक्ष शोभा सुंदेशा, सवाराम पटेल, पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, एनएसयूआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भरत मेघवाल भी मौके पर पहुंचे। आखिर में शाम को कॉलेज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद अनशन तोडऩे व धरना उठाने पर सहमति बनी। उसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष, उपखंड अधिकारी व अन्य ने अनशनकारियों को ज्यूस पिलवाकर अनशन तुड़वाया। इसके बाद अनशन तोडऩे वाले धीरज गुर्जर व दीपक कुमार की तबीयत कमजोर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मौके लक्ष्मणसिंह सांखला, विनय व्यास, पुखराज माली, योगेन्द्रसिंह कुंपावत, शंकरलाल, भागीरथ, नरेन्द्र मेघवाल, किशनलाल राणा, फुटरमल, जितेंद्र, मनोहर, रशीदखां, बीजाराम, कानसिंह, छगनलाल समेत अन्य मौजूद रहे।
पुलिस पहुंचने से पहले हटाया लाउड स्पीकर
जिस समय कार्यकर्ता कलक्ट्रेट सभागार के बाहर नारेबाजी कर रहे थे। उस दौरान उपखंड अधिकारी राजेंद्रसिंह सिसोदिया बाहर आकर उन्हें समझाने लगे। लेकिन कुछ कार्यकर्ता जिद पर अड़ गए। ऐसे में एसडीएम ने कहा कि धरना स्थल पर लाउड स्पीकर लगाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई। फिर वहां लाउड स्पीकर कैसे लगाया गया। उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों को धरना स्थल पर जाकर लाउड स्पीकर जब्त करने के निर्देश दिए। पुलिसकर्मी धरनास्थल पर पहुंचते उससे पहले ही एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर लाउड स्पीकर को हटाकर वाहन में रख दिया।
बैठक में घृुसने की कोशिश
दोपहर में अनशनकारी व धरनार्थी ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन जिला कलक्टर बैठक में होने से ज्ञापन देने आए एनएसयूआई कार्यकर्ता व पदाधिकारी कलक्ट्रेट सभागार के गेट पर पहुंच गए व जोर-जोर से नारेबाजी कर सभागार में घुसने लगे। ऐसे में पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। नारेबाजी सुनकर एसडीएम राजेंद्रसिंह व एएसपी रामकुमार कस्वां बाहर आए व समझाइश की। इस दौरान कार्यकर्ता महाविद्यालय के व्याख्याता को धरना स्थल पर लाने की बात पर अड़ गए। इसके बाद उन्हें समझाइश कर वहां से धरना स्थल के लिए रवाना किया गया।
इन मांगों पर हुई सहमति वार्ता
वार्ता में दौरान छात्रावास की स्थिति को लेकर पीडब्ल्यूडी व महाविद्यालय विकास समिति की ओर से एक माह में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने व इसी सत्र में छात्रावास में प्रवेश शुरू करवाने पर सहमति बनी। यहां हिन्दी के व्याख्याता को लगाने के लिए व रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार से अनुरोध किया जाएगा। वहीं जो पद सैद्धांतिक व व्यवहारिक रूप से रिक्त है, उन पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान किया जाएगा। वहीं कॉलेज में कानून व्यवस्था व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाएगी।