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Lok Sabha Chunav: राजस्थान की इस लोकसभा सीट से ताल ठोक सकते हैं पूर्व CM गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत

Lok Sabha Chunav 2024: जालोर-सिरोही लोकसभा सीट (Jalore Sirohi Lok Sabha constituency) से भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब कांग्रेस पर सबकी निगाहें है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत का नाम भी यहां से चर्चा में है।
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जालोर

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Santosh Trivedi

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Updated: 5 Mar 2024, 4:17 PM IST

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Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई है। भाजपा इसमें आगे है, क्योंकि जालोर-सिरोही लोकसभा सीट समेत 15 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। सबसे बड़ा रोचक तथ्य यह है कि जालोर-सिरोही लोकसभा सीट (Jalore Sirohi Lok Sabha constituency) से इतिहास में पहली बार भाजपा ने सिरोही जिले के निवासी लुंबाराम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। अब तक या तो बाहरी प्रत्याशी रहे या जालोर जिले से। सिरोही को पहली बार मौका दिया है। जालोर-सिरोही लोकसभा में जालोर की पांच और सिरोही की तीन विधानसभा सीटें शामिल है।

भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब कांग्रेस पर सबकी निगाहें है। कांग्रेस प्रत्याशी के नाम का सभी को बेसब्री से इंतजार है। चुनावी माहौल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत, प्रदेश महासचिव और उद्यमी करणसिंह उचियारड़ा, पूर्व मंत्री उदयलाल आंजणा, ऊमसिंह चांदराई, लालसिंह धानपुर, सवाराम पटेल जैसे नाम चर्चा में है। भाजपा ने ओबीसी चेहरे पर दांव खेला है। अब कांग्रेस की रणनीति का इंतजार है। कांग्रेस यहां प्रयोग भी कर सकती है। लोकसभा की आठ सीटों में से तीन में कांग्रेस के विधायक हाल ही में विधानसभा चुनाव जीते हैं। एक निर्दलीय और चार में भाजपा के विधायक है।


जालोर-सिरोही लोकसभा सभा सीट से कई बाहरी प्रत्याशी भी जीते। इनमें सर्वाधिक 4 बार बूटासिंह पर मतदाताओं ने भरोसा किया। 2004 में भाजपा नेता बी. सुशीला भी भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीती।

भाजपा का 4 बार से दबदबा

1999 में अंतिम बार जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में बूटासिंह ने जीत दर्ज की। उसके बाद एक भी बार कांग्रेस प्रत्याशी नहीं जीत पाया। 2004 में भाजपा की सुशीला बंगारु और 2009, 2014 और 2019 में लगातार तीन बार देवजी पटेल जीत कर लोकसभा पहुंचे।

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1952-भवानी सिंह- निर्दलीय
1957- सूरज रतन दमामी- कांग्रेस
1962- हरीश चंद्र माथुर- कांग्रेस
1967- डी. एन. पाटोदिया- स्वतन्त्र पार्टी
1971- एन. के. संघी- कांग्रेस
1977- हुकमाराम - जनता पार्टी
1980- विरदाराम फुलवारिया - कांग्रेस
1984- सरदार बूटासिंह, कांग्रेस
1989- कैलाश मेघवाल- भाजपा
1991 -सरदार बूटासिंह- कांग्रेस
1996 -पारसाराम मेघवाल- कांग्रेस
1998 -सरदार बूटासिंह- निर्दलीय
1999- सरदार बूटासिंह- कांग्रेस
2004- बी. शुशीला- भाजपा
2009- देवजी एम. पटेल- भाजपा
2014- देवजी एम. पटेल- भाजपा
2019- देवजी एम पटेल- भाजपा


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