हर तीसरे-चौथे दिन पकड़ी जा रही ग्रेनाइट में टैक्स चोरी

हर तीसरे-चौथे दिन पकड़ी जा रही ग्रेनाइट में टैक्स चोरी

Dharmendra Ramawat | Publish: Mar, 17 2019 10:56:44 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

शुक्रवार को भी टीम ने ग्रेनाइट से भरा एक और ट्रक पकड़ा

जालोर. जालोर की ग्रेनाइट इण्डस्ट्री में टैक्स चोरी के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। जिला मुख्यालय पर सैंट्रल जीएसटी का कार्यालय शुरू होने के बाद पिछले कुछ महीनों से कार्रवाई तेज हो चुकी है। पिछले महीने भर की बात करें तो विभागीय टीम की ओर से हर तीसरे से चौथे दिन टैक्स चोरी के मामले पकड़े जा रहे हैं। शुक्रवार को भी सैंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने लेटा क्रॉसिंग से आगे रात नौ बजे के करीब ग्रेनाइट से भरा ट्रक रुकवाया। इस ट्रक में भी भरा माल एक ही ई-वे बिल के जरिए दूसरी बार दिल्ली ले जाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार जालोर स्थित इम्पीरियल स्टोन से ग्रेनाइट का सैकण्ड क्वालिटी का माल दिल्ली के लिए भेजा जा रहा था। इस ट्रक में करीब 2 लाख 20 हजार का 5500 स्क्वायर फीट ग्रेनाइट भरा था। टीम को सूचना मिलने पर लेटा क्रॉसिंग के आगे ट्रक रुकवाकर चालक से पूछताछ की गई। जिस पर पता चला कि ट्रक में भरा माल एक ही ई-वे बिल से दूसरी बार दिल्ली भेजा जा रहा था। इस पर टीम ने ट्रक को सीज किया। वहीं अगले दिन शनिवार को ६४ हजार रुपए टैक्स और पैनल्टी वसूलने के बाद ट्रक को छोड़ गया।
अब तक 30 लाख का राजस्व
विभागीय जानकारी के अनुसार सैंट्रल जीएसटी विभाग की टीम की ओर से शुक्रवार तक यह 19 कार्रवाई की गई। जिसमें से 18 मामले ग्रेनाइट के हैं। विभाग की ओर से की गई इन कार्रवाई के जरिए अब तक करीब 30 लाख रुपए का टैक्स और पैनल्टी वसूल की जा चुकी है और अधिकारियों का कहना है कि जब तक इस पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकतर दिल्ली जाने वाले माल पर टैक्स की चोरी
सूत्रों के अनुसार जालोर से ज्यादातर ग्रेनाइट का माल दिल्ली और हरियाणा के लिए भेजा जाता है। विभागीय कार्रवाई में पकड़े गए विभिन्न मामलों में से ज्यादातर दिल्ली भेजे जाने वाले ट्रक ही पकड़े गए हैं। ऐसे में विभाग भी दिल्ली और हरियाणा भेजे जाने माल को लेकर पैनी नजर गढ़ाए हुए है।
राजकोष को लगा रहे चूना
गौरतलब है कि जालोर में ग्रेनाइट की करीब १४०० इकाइयां हैं और इनमें दो हजार से अधिक ग्रेनाइट मशीनें हैं। इसके अलावा जिले के विभिन्न इलाकों में ग्रेनाइट की माइन्स भी संचालित हो रही हैं। ऐसे में रोजाना काफी मात्रा में ग्रेनाइट स्लेब की कटिंग के बाद यहां से ट्रांसपोर्ट के जरिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी माल भेजा जाता है, लेकिन अधिकतर मामले विभाग की पकड़ में नहीं आ रहे हैं। अब तक की कार्रवाई से यह साफ है कि सबसे ज्यादा टैक्स की चोरी ग्रेनाइट इण्डस्ट्री में ही हो रही है। हालांकि विभाग की ओर से टैक्स चोरी रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन फिर भी टैक्स चोरी का खेल बदस्तूर जारी है। जिससे राजकोष को भी चूना लग रहा है।

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