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13 घंटे तक रोजाना बंद रहती है क्रॉसिंग, 2 लाख वाहन प्रभावित

प्रशासनिक और राजनीतिक ढिलाई का नतीजा, बजट घोषणा के तीन साल बाद भी अटका हुआ है आरओबी
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13 घंटे तक रोजाना बंद रहती है क्रॉसिंग, 2 लाख वाहन प्रभावित



खुशालसिंह भाटी
जालोर. जालोर-जोधपुर मार्ग पर सी-48 पर आरओबी का मामला अटकने के साथ वाहन चालकों की ही नहीं इस मार्ग से इमरजेंसी सेवाओं के लिए जाने वाले लोगों की दिक्कतें भी बढ़ चुकी है। इस मार्ग का टीवीयू (टे्रन व्हीकल यूनिट) 1 लाख 8 7 हजार से अधिक है। इसका सीधा से मतलब है कि इस क्रॉसिंग से 24 घंटे में करीब 2 लाख वाहन गुजरते हैं। इधर, यह क्रॉसिंग औसतन 24 घंटे में 12 घंटे से अधिक बंद रहती है। रेलवे सूत्रों के अनुसार समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में आम दिनों में 24 घंटे में 40 से 45 गुड्स टे्रनें गुजरती है। जिसके चलते बार-बार क्रॉसिंग बंद करनी पड़ती है। एक बार टे्रन गुजरने के दौरान औसतन 15 मिनट क्रॉसिंग बंद हो जाती है। वहीं 40 से 45 बार टे्रनें गुजरने के दौरान यह आंकड़ा चौकाने वाला हो जाता है।
यूं समझें देरी का असर
समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में गुड्स टे्रनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।वहीं यह रेल खंड इलेक्ट्रिफाइड रेल लाइन के लिए भी स्वीकृत है। साफ है भविष्य में इस रूट पर और अधिक टे्रनें गुजरेंगी। ऐसे में क्रॉसिंग पर इंतजार और भी बढ़ेगा। इधर, यदि इस क्रॉसिंग के लिए आरओबी की स्वीकृति हो भी जाती है तो इसके निर्माण में भी करीब 3 साल की अवधि लग जाएगी। इसलिए इस आरओबी के निर्माण कार्य की स्वीकृति में जितनी अधिक देरी होगी। उतना ही संकट वाहन चालकों के लिए बढ़ता जाएगा।
छोटे वाहनों के लिए आरयूबी भी जरुरी
क्रॉसिंग के दूसरे छोर पर सब्जी मंडी है। इसके अलावा सर्किट हाउस भी है। ऐसे में क्रॉसिंग बंद होने पर काफी लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। पूर्व में इस क्रॉसिंग पर आरयूबी निर्माण के लिए कवायद चली थी, लेकिन आरओबी के चक्कर में वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। वर्तमान हालातों में जरुरी है कि इस क्रॉसिंग पर एक रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण भी हो ताकि मार्ग से गुजरने वाले छोटे वाहन चालकों खासकर दुपहिया वाहन चालकों को राहत मिल सके।
नजरअंदाजी पड़ रही भारी
यह क्रॉसिंग जालोर से जोधपुर, जयपुर, पाली की तरफ जाने का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग पर नार्मल टे्रफिक भी काफी रहता है।वहीं घटना दुर्घटना के हालात में भी मरीजों या घायलों को अक्सर जोधपुर की तरफ ही रेफर किया जाता है। कई मौकों पर इस क्रॉसिंग पर बेरियर बंद होने से आपात सेवाओं के पहिए भी थम चुके हैं, जिससे लोगों की जान पर बन चुकी है। यह मामला गंभीर है और जालोर जिले की जनता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि इस मामले में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। यही कारण है कि बागरा और मालवाड़ा जैसे क्रॉसिंग पर न केवल आरओबी की स्वीकृति जारी हुई है, बल्कि वहां काम भी शुरूहो चुका है। जबकि सी-48 पर स्थित सबसे महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पर आरओबी के मामले में हालात ये है कि अब तक यह स्थिति भी साफ नहीं हो पा रही कि यहंा आरओबी का निर्माण कौनसी एजेंसी करवाएगी। इधर, यह मामला बजट घोषणा-2015 के बाद से अटका पड़ा है और लंबित होता जा रहा है।
सीएम को समस्या से अवगत करवाएंगे
बजट घोषणा 2015 में ही आरओबी की घोषणा हो चुकी है। यहां पर आरओबी का निर्माण पूर्व में एनएच के अंतर्गत होना था। अब पत्रिका में समाचार के माध्यम से मामला अटकने की जानकारी मिली है। इन हालातों में दिक्कतें बढ़ेंगी और मामला और भी अटक जाएगा। समस्या को लेकर मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर शीघ्र ही काम शुरू करवाया जाएगा।
-अमृता मेघवाल, विधायक, जालोर