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गुजरात से नर्मदा नदी में बहकर राजस्थान पहुंचे महिला पुरुष के शव, दो दिन में दूसरा मामला

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जालोर

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Nidhi Mishra

Sep 07, 2018

dead bodies of man and woman found in Jalore canal

dead bodies of man and woman found in Jalore canal

जालोर। जिले के सांचोर में शुक्रवार सवेरे नर्मदा नदी के मुख्य कैनाल से पुलिस ने दो शव बरामद किए हैं। शव एक महिला और पच्चीस वर्षीय युवक का बताया जा रहा है। दोनों की पहचान करने की कोशिश सांचोर पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि शव दो से तीन दिन पुराने हैं और संभव है कि शव गुजरात से बहकर यहां तक आए हैं। इस बारे में गुजरात पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। गौरतलब है कि कैनाल में दो दिन में यह दूसरा मामला है जब इस तरह से बहकर शव आए हैं।

गुजरात के लिए सांचौर में उतर रही शराब
वहीं आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात जालोर जिले का सांचौर शराब तस्करों का गढ़ बन रहा है। पंजाब-हरियाणा से आने वाली शराब की खेप इन दिनों सांचौर से सटे गांवों में उतर रही है। शराब के कर्टन यहां से छोटे वाहनों में भरकर गुजरात भेजे जा रहे हैं। पकड़ में आए कुछ मामलों की तह में जाने पर यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हाल ही में पुलिस व नजदीकी जिलों में आबकारी विभाग ने इस तरह की बड़ी कार्रवाइयां की है, जिसमें भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। गिरफ्त में आए वाहन चालक से प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि इस माल की डिलीवरी सांचौर में देनी थी। वहीं शराब भरे छोटे वाहनों के चालक पकड़ में आए तो बताया गया कि यह माल सांचौर से भरकर गुजरात ले जा रहे थे। आबकारी निरोधक दल ने मंगलवार रात सांचौर के अचलपुर में एक खेत पर रखी शराब की बड़ी खेप बरामद की। इस कार्रवाई ने इसे पुख्ता कर दिया कि यहां बाहरी राज्यो से आने वाली शराब के अड्डे बने हुए हैं। इस तरह के मामले दर्शाते हैं कि सांचौर से सटे गांवों में शराब तस्करी की गतिविधियां बढ़ रही है। इनको पकडऩा तो दूर रोकदाब तक नहीं हो रही। स्थानीय पर पुलिस तो दूर आबकारी महकमा भी धरपकड़ नहीं कर रहा। इससे सांचौर के आसपास गांवों में शराब के ऐसे अड्डे खुल रहे हंै, जहां से रात ही रात में गुजरात के लिए माल आपूर्ति हो रहा है, लेकिन पुलिस व आबकारी शायद मेहरबान बने हैं।


कुछ किमी दूर ही गुजरात बॉर्डर
सूत्र बताते हैं कि सांचौर के लिए भारी वाहनों में एक मुश्त शराब आ रही है। यहां अड्डों पर उतारे जाने के बाद छोटे वाहनों में भरकर गुजरात के लिए रवाना किया जाता है। इन अड्डों से वाहनों में भरा गया माल गंवई रास्तों से ही गुजरात तक पहुंच जाता है। कुछ किमी का रास्ता तय करने के दौरान तस्करों को थोड़ी-बहुत सावचेती रखनी पड़ती है, लेकिन गुजरात में प्रवेश के बाद मौज ही मौज।

दोनों तरफ एजेंटों का तगड़ा नेटवर्क
शराबबंदी के बावजूद गुजरात के लिए भारी मात्रा में शराब की आपूर्ति हो रही है। इसके लिए सीमा से सटे गांवों में तस्कर सक्रिय है। सांचौर क्षेत्र तस्करों का गढ़ बना हुआ है। बताया जा रहा है कि गुजरात सीमा के दोनों ओर इनका तगड़ा नेटवर्क है। इधर के एजेंट शराब भरे वाहनों को सांचौर से गुजरात सीमा में प्रवेश करवाने का काम करते हैं। गुजरात में प्रवेश करने के बाद वाहन को आगे पहुंचाना वहां के एजेंट की जिम्मेदारी है।