फिर गायब हुई पत्रावली, आयुक्त ने भाजपा के पूर्व पार्षद को जारी किया नोटिस

फिर गायब हुई पत्रावली, आयुक्त ने भाजपा के पूर्व पार्षद को जारी किया नोटिस
फिर गायब हुई पत्रावली, आयुक्त ने भाजपा के पूर्व पार्षद को जारी किया नोटिस

Dharmendra Ramawat | Updated: 21 Dec 2018, 11:49:48 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

आयुक्त ने पूर्व और मौजूदा पार्षद को दिया नोटिस, नगरपरिषद से गायब हुई बेचान एनओसी की पत्रावली

जालोर. नगरपरिषद से पत्रावलियों के गुम होने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। शहर के नया बस स्टैंड के पास स्थित एक भूखण्ड के बेचान की एनओसी के लिए नगरपरिषद में पेश की गई पत्रावली गायब होने का मामला सामने आया है। वहीं नगरपरिषद से यह पत्रावली ले जाने के मामले में दो जनों का नाम सामने आ रहा है। जिनमें से एक मौजूदा बोर्ड में भाजपा पार्षद है, जबकि दूसरा भाजपा का पूर्व पार्षद। दरअसल, भाजपा के पूर्व पार्षद राकेश सोनी की ओर से नया बस स्टैंड के निकट बाबूलाल पुत्र रामाजी के भूखण्ड बेचान के मामले में एनओसी के लिए नगरपरिषद में गत 2 नवम्बर को पत्रावली पेश की गई थी। इस पत्रावली में शाखा प्रभारी की ओर से आदेशिका टिप्पणी पर लिखा गया था कि राजस्व शाखा व भूमि शखा में बकाया संबंधी रिपोर्ट लेने के लिए पूर्व पार्षद सोनी व वर्तमान वार्ड संख्या १७ के पार्षद ओमप्रकाश सुंदेशा के साथ पत्रावली भेजी गई थी जो आज तक संबंधित शाखा में प्राप्त नहीं हुई है। इसके बाद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने संबंधित शाखाओं से स्पष्टीकरण मांगा तो जवाब में फिर से राजस्व शाखा प्रभारी ने रिपोर्ट में यह पत्रावली पूर्व पार्षद सोनी व वर्तमान पार्षद सुंदेशा को देना बताया। ऐसे में आयुक्त ने गत 26 नवम्बर को इन दोनों को नोटिस जारी कर २४ घंटे में पत्रावली व स्पष्टीकरण कार्यालय में पेश करने के निर्देश दिए थे। वहीं ऐसा नहीं करने पर राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी दस्तावेज चोरी करने व छिन्न-भिन्न करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
वॉट्सएप पर भेजा फोटो
आयुक्त कांकरिया की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में बताया गया कि 12 नवम्बर 2018 को शाम 5.49 बजे पूर्व पार्षद सोनी ने मूल आदेशिका (कार्यालय टिप्पणी) की फोटो खींचकर आयुक्त के फोन पर वॉट्सएप के जरिए भेजी थी। जिससे यह प्रतीत होता है कि पत्रावली उन्हीं के पास है जो गलत है। वॉट्सएप पर भेजी गई ये फोटो आज भी आयुक्त के फोन में मौजूद है।
वर्तमान पार्षद ने दिया यह जवाब
आयुक्त के नोटिस के बाद गत 5 दिसम्बर को वर्तमान बोर्ड में भाजपा पार्षद सुंदेशा ने स्पष्टीकरण दिया कि पूर्व पार्षद सोनी कृषि भूमि शाखा में रिपोर्ट के लिए यह पत्रावली लेकर आए थे। इसके बाद सुंदेशा शाखा में पहुंचे और सोनी के कहने पर जनप्रतिनिधि के नाते संबंधित लिपिक को रिपोर्ट के लिए कहा गया था। सुंदेशा ने पत्र में बताया कि आमजन से जुड़ाव और जनप्रतिनिधि होने के कारण कार्यकर्ता या जनता के किसी भी कार्य के लिए कर्मचारियों को कहना उनका दायित्व है। लिपिक की ओर से यह पत्रावली किसे दी गई और कहां भेजी गई। इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पारिषद चाहे तो सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है।
सोनी ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
पूर्व पार्षद सोनी ने एनओसी की मांग को लेकर 12 नवम्बर को आयुक्त को पत्र भी लिखा था। जिसमें बताया कि 2 नवम्बर को चैनल डॉक्यूमेंट सहित पत्रावली पेश करने पर आयुक्त ने राशि जमा के काउंटर साइन बाद में करने की बात कही। वहीं दलालों ने इसके लिए मोटी रकम भी मांगी। ऐसे में दो दिन में एनओसी नहीं मिलने पर मजबूरन एसीबी में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इधर, आयुक्त ने इसके बाद जारी किए नोटिस में अनावश्यक रूप से अधिकारी/कर्मचारियों पर दबाब बनाकर उनकी छवि खराब करने की नीयत से झूठी शिकायत एसीबी को करना बताया।
पहले भी जारी हो चुकी है एनओसी
एनओसी के लिए आवेदन करने वाले पूर्व भाजपा पार्षद का कहना है कि आयुक्त जिस पत्रावली के गुम होने की बात कर रहे हैं, उसी भूखण्ड के बेचान को लेकर परिषद ने 29 अगस्त 2012 को 2049 क्रमांक की एनओसी जारी की थी। जबकि अब इसमें जान बूझकर रुकावट डाली जा रही है। वहीं सूत्रों की मानें तो नियमानुसार इस भूखण्ड की बेचान एनओसी इसलिए जारी नहीं हो सकती, क्योंकि सरकारी योजना के तहत इसका आवंटन गरीब परिवार के लिए हो रखा है। वहीं यह अहस्तांतरणीय है।
इनका कहना...
मैंने तो खुद एनओसी के लिए आवेदन किया था तो भला मैं कैसे पत्रावली ले जा सकता हूं। मुझे तो एनओसी चाहिए थी, लेकिन परिषद में ही काम करने वाले आयुक्त के दलाल ने इसके लिए बड़ी रकम की मांग की। जिसके कारण मुझे मजबूरन एसीबी में शिकायत दर्ज करवानी पड़ेगी। इसके डर से ही आयुक्त मुझ पर पत्रावली ले जाने का झूठा आरोप लगा रहे हैं।
- राकेश सोनी, पूर्व भाजपा पार्षद

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned