शराब तस्करी का तरीका : हाइवे पर आगे पेट्रोलिंग पार्टी और ट्रक में लगता जीपीएस

शराब तस्करी का तरीका : हाइवे पर आगे पेट्रोलिंग पार्टी और ट्रक में लगता जीपीएस

Jitesh kumar Rawal | Publish: Sep, 08 2018 10:34:54 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

बाहरी राज्यों की सांचौर तक शराब लाने तथा यहां से गुजरात तक पहुंचाने में भी तस्कर लगभग यही तकनीक अपना रहे हैं।

जालोर. 'हैलो हां बोलिए, सुनो आगे लाइन क्लीयर नहीं है पास ही ढाबा हैयहां थोड़ा विश्राम कर लो, जी ओके।Ó मोबाइल पर हो रही बातचीत के यह अंश आम है, लेकिन शराब तस्करों के लिए यह खास है।जी हां, बाहरी राज्यों से सांचौर तक शराब की खेप पहुंचाने एवं गुजरात में प्रवेश कराने तक वाहन चालकों व पेट्रोलिंग पार्टी के बीच इसी तरह बात होती है।
हाल ही में पकड़ में आए कुछ वाहन चालकों ने इस बात का खुलासा किया है। पूछताछ मेंसामने आया कि हरियाणा-पंजाब से राजस्थान में प्रवेश करने से लेकर सांचौर तक पहुंचने के बीच कई जिले पार करने होते हैं। हाइवे पर पुलिस व आबकारी की पेट्रालिंग को धत्ता बताते हुए कुछ इसी तरह से ठेठ गुजरात सीमा तक पहुंच जाते हैं। जहां भी कुछ सख्ती नजर आती हैआगे चल रही पेट्रोलिंग पार्टी वाहन चालक को नजदीकी ढाबे पर रुकने के निर्देश दे देते हैं। हाइवे की नाकाबंदी या सख्ती हटते ही सफर वापस शुरू हो जाता है।
शराब भरे भारी वाहन में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) भी लगा रहता है, ताकि चालक भी कहीं चकमा नहीं दे सके। बाहरी राज्यों से लाकर सांचौर होते हुए गुजरात को शराब आपूर्ति करने वाले तस्करों की यह सावचेती ही है कि माल ले जाने वाले वाहनों के साथ पेट्रोलिंग पार्टी तो रहती ही है जीपीएस से भी पूरी निगरानी
रखते हैं।
पकड़ा गया तो कनेक्शन कट
गत ३१ अगस्त को बाड़मेर आबकारी विभाग के हाथ लगे शराब भरे ट्रक की जांच करने के बाद कई तथ्यों का खुलासा हुआ।यह पूरी खेप चूरू-जोधपुर-बाड़मेर होते हुए सांचौर आ रही थी।ट्रक के आगे पेट्रोलिंग पार्टी भी थी, लेकिन जिला आबकारी अधिकारी देवेंद्र दशोरा की प्लानिंग एवं सतर्कता के कारण धोखा खा गए। ट्रक चालक गिरफ्त में आने के बाद पेट्रोलिंग पार्टी का मोबाइल बंद हो गया। जांच करने पर ट्रक में जीपीएस लगा मिला।
बगैर डरेे तय हो जाता है सफर
बाहरी राज्यों की सांचौर तक शराब लाने तथा यहां से गुजरात तक पहुंचाने में भी तस्कर लगभग यही तकनीक अपना रहे हैं। ट्रक चालकों के साथ मोबाइल पर सम्पर्क रखते हुए कई किमी का सफर आराम से तय करवा लेते हैं। गुजरात को शराब आपूर्ति करने वाले तस्करों के कई गिरोह है। इनमें से कुछ गिरोह नजदीकी इलाकों में अड्डे चला रहे हैं। सांचौर से सटे गांवों में शराब की खेप उतारी जा रही है तथा बॉर्डर पर लाइन क्लीयर मिलते ही सीधे गुजरात पहुंचा देते हैं।

बाड़मेर में आबकारी की कार्रवाई ने लगाई मोहर

पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
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जालोर. सांचौर इन दिनों बाहरी राज्यों की शराब डम्पिंग करने का गढ़ बना हुआ है। बाड़मेर के रास्ते भारी मात्रा में खेप आ रही है। इस सम्बंध में राजस्थान पत्रिका में सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए गए। बाड़मेर में आबकारी विभाग की लगातार दो बड़ी कार्रवाइयां इस पर मोहर लगा रही है। पकड़ में आए दोनों चालकों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि यह माल सांचौर ले जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि ६ सितम्बर को 'गुजरात के लिए सांचौर में उतर रही शराबÓ व ७ सितम्बर को 'मेगा हाइवे पर भारी वाहनों की कतार के बीच बेखौफ पार हो रहे शराब तस्करÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए गए। इसमें बताया कि शराब को सांचौर में डम्प कर छोटे वाहनों में गुजरात के लिए आपूर्ति कर रहे हैं। सांचौर के लिए जोधपुर-बाड़मेर के रास्ते शराब आ रही है।
एक करोड़ की शराब
बाड़मेर आबकारी ने गुरुवार रात पचपदरा बाइपास पर शराब से भरा ट्रक जब्त किया। माल की अनुमानित कीमत करीब साठ लाख आंकी गई। इससे पहले ३१ अगस्त को भी विभाग ने करीब ४५ लाख रुपए की शराब पकड़ी थी।
&सप्ताहभर में दो बड़ी कार्रवाई कर करीब एक करोड़ रुपए की शराब पकड़ी। पूछताछ में सामने आया कि माल सांचौर जा रहा था। सूचना पर और कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए हमारी टीम मुस्तैद है।
- देवेंद्र दशोरा,
जिला आबकारी अधिकारी, बाड़मेर

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